Budget 2026 Mutual Fund: क्या म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए बजट में होगा कुछ बदलाव? क्या है निवेशकों की उम्मीदें
Budget 2026 Mutual Fund: भारतीय अर्थव्यवस्था का रोड मैप होता है केंद्रीय बजट और हर वर्ष यह केंद्रीय बजट प्रस्तुत किया जाता है। वर्ष 2026 में भी 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय बजट प्रस्तुत किया जाने वाला है। बजट केवल सरकार के खर्च और कमाई की गणना नहीं करता बल्कि इसमें तय होते हैं कई प्रकार के नए नियम।

Budget 2026 Mutual Fund: क्या म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए बजट में होगा कुछ बदलाव? क्या है निवेशकों की उम्मीदें
कुछ नियम निवेश रणनीति को देखकर बनाए जाते हैं तो कुछ नियम बैंकिंग, टैक्स और शेयर बाजार को ध्यान में रखकर तैयार किए जाते हैं। इनमें से प्रत्येक नियम का विशेष प्रभाव निवेशकों पर जरूर पड़ता है। जब बात हो निवेश संबंधित नियमों की तो निवेशकों को इससे गहरा प्रभाव पड़ता है क्योंकि, बजट के निर्णय अक्सर निवेशकों की कमाई, टैक्स दायित्व और रणनीति पर सीधा असर डालते हैं।
इस पूरे फैसले में सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ता है म्युचुअल फंड निवेशकों पर क्योंकि वर्तमान में यह सबसे लोकप्रिय निवेश साधन है। इसलिए बजट 2026 से निवेशकों को कई उम्मीदें हैं। खासकर म्यूचुअल फंड निवेशक चाहते हैं कि 2026 के बजट में नीतिगत स्थिरता, भविष्य अनुकूल टैक्स नियम और लंबी अवधि के निवेश को प्रोत्साहन मिले।


2026 के बजट को लेकर म्यूचुअल फंड निवेशकों की उम्मीद
दीर्घकालीन दृष्टिकोण: 2026-27 के बजट से निवेशक नीतिगत स्थिरता की उम्मीद कर रहे हैं। जहां निवेशकों का भरोसा निवेश पॉलिसीयों पर बना रहे और सरकार बीच-बीच में छोटे-छोटे नियम को बदलने की बजे एक दीर्घकालीन दिशा निर्देश पहले से ही जारी कर दे।
टैक्स नियमों में सरलता और पारदर्शिता: इसके अलावा म्युचुअल फंड निवेशक 2026-27 के बजट से टैक्स नियम को सरल बनाने की भी उम्मीद कर रहे हैं। म्यूचुअल फंड निवेशक की मांग है कि बार-बार टैक्स नियमों में बदलाव करने से निवेशकों की निवेश नीति प्रभावित होती है ऐसे में सरकार पहले से ही सरल पारदर्शी नियम बना ले।

डेब्ट फंड को प्रोत्साहन :आने वाले समय में निवेशकों को उम्मीद है कि सरकार स्थिर आय प्रदान करने वाले डेब्ट फंड को प्रोत्साहित करेगी और इससे जुड़े विशेष उपाय भी बजट में प्रस्तुत करेगी। क्योंकि यह निवेशकों को बेहतर स्थिर आय देते हैं और इस पर शायद टैक्स लाभ भी सरकार प्रदान करेगी।
म्युचुअल फंड से जुड़े टैक्स नियमों में होने वाले संभावित बदलाव
2026-27 में सरकार म्युचुअल फंड को लेकर क्या निर्णय लेगी यह तो 1 फरवरी 2026 का यूनियन बजट बताएगा। हालांकि इस दौरान एक्सपर्ट की माने तो सरकार टैक्स नियमों में कुछ विशेष बदलाव करने वाली है जो कि इस प्रकार होंगे:
आने वाले समय में सरकार इक्विटी फंड को लंबी अवधि के निवेश में रखेगी जिससे लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन( LTCG) पर 12.5% टैक्स लगेगा, जिसमें 1.5 लाख तक टैक्स फ्री रकम होगी।
शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन पर 20% टैक्स लगेगा।
डेब्ट म्युचुअल फंड की बात करें तो म्यूचुअल फंड की टैक्स डिलीवरी डेब्ट म्यूचुअल फंड को लेकर हाल ही में बदली गई थी। अब 2023 के बाद खरीदे गए सारे यूनिट्स पर आयकर स्लैब के अनुसार टैक्स लगाया जाता है।
इसके साथ ही इक्विटी ओरिएंटेड म्युचुअल फंड की खरीद-बिक्री पर 0.1% STT लागू किया जाता है जबकि डेब्ट फंड पर इस प्रकार की ट्रांजैक्शन में कोई टैक्स नहीं होता।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर यूनियन बजट 2026-27 से म्यूचुअल फंड निवेशकों को बड़ी अपेक्षाएं भले ही ना हो लेकिन वह चाहते हैं कि सरकार म्यूचुअल फंड निवेश की प्रक्रियाओं को पहले से बेहतर करें। खास कर नियमों में स्थिरता लाये और टैक्स से जुड़े विभिन्न नियमों को सरल और पारदर्शी बनाए, ताकि निवेशकों को बार-बार कन्फ्यूजन जैसी स्थिति से ना गुजरना पड़े।

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