PNG Vs LPG: पीएनजी और एलपीजी में से कौन है किचन का असली हीरो? जाने सेफ्टी, खर्च और सुविधा का पूरा हिसाब

PNG Vs LPG: मिडिल ईस्ट के बढ़ते तनाव ने देश में LPG का संकट गहरा कर दिया है। वही आज के इस दौर में हर परिवार अपने खर्च को कम करने और सुरक्षा को बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में घरेलू कुकिंग के लिए अलग-अलग तरीके की मार अब लोगों को LPG की जगह PNG लेने पर मजबूर कर रही है।

PNG Vs LPG: पीएनजी और एलपीजी में से कौन है किचन का असली हीरो? जाने सेफ्टी, खर्च और सुविधा का पूरा हिसाब
हालांकि अब भी लोगों के मन में एक सवाल आ रहा है कि आखिर LPG सही है या PNG? दोनों में अंतर क्या है? दोनों में से कौन सा मध्यम वर्गीय परिवार के लिए सही साबित होगा? कौन सा चुनाव पैसे बचाने में मदद करेगा? दरअसल LPG और PNG के बीच का चुनाव सुविधा, सुरक्षा और बजट से जुड़ा बहुत बड़ा फैसला है।

LPG अपनी तेज आंच और आसान उपलब्धता के लिए जाना जाता है तो PNG लगातार सप्लाई, कम खतरे और लंबी बचत का वादा करता है। ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि दोनों में से कौन सा विकल्प सही है? आखिर कौन सी गैस सुरक्षित सस्ती और सुविधाजनक है?


LPG और PNG में क्या अंतर है?
LPG हमें सिलेंडर के रूप में मिलती है। यह हवा से ज्यादा भारी होती है इसलिए लीकेज का खतरा बना रहता है। इस सिलेंडर में मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन गैस का मिश्रण होता है। इसकी कीमत बाजारों में फिक्स होती है। साथ ही इसकी आंच तेज होती है जो खाना बनाने को आसान प्रक्रिया बना देती है।
वहीं PNG एक नेचुरल गैस होती है जिसमें मुख्य रूप से गैस भरी होती है। यह गैस काफी हल्की होती है। सबसे खास बात लीकेज के दौरान यह आसानी से बाहर उड़ जाती है। इसीलिए यह सबसे ज्यादा सुरक्षित मानी जाती है। PNG में सिलेंडर स्टोरेज का झंझट नहीं होता है।


LPG या PNG दोनों में से कौन सा विकल्प है परिवारों के लिए बेहतर?
LPG और PNG में से सही विकल्प चुनने से पहले इन दोनों का अंतर जानना जरूरी है:
सप्लाई में अंतर: LPG में आपको सिलेंडर बुक करना पड़ता है, वही PNG में सीधा पाइपलाइन से गैस लगातार मिलती रहती है
लागत : एलपीजी में एक बार में आपको पूरा सिलेंडर खरीदना पड़ता है। वही पीएनजी में जितना इस्तेमाल करेंगे उतना ही बिल आता है। वही पीएनजी एलजी की तुलना में काफी सस्ता पड़ता है।
सुरक्षा: LPG हवा से भारी होती है लीक होने पर यह नीचे ठहर जाती है जिससे आग या धमाके का खतरा बढ़ता है। PNG हवा से हल्की होती है यह गैस लीकेज के दौरान हवा में फैल जाती है जिससे विस्फोट का खतरा नहीं होता।
कुकिंग परफॉर्मेंस: LPG ज्यादा गर्मी पैदा करती है इसीलिए तेज आंच वाले खाने के लिए यह परफेक्ट मानी जाती है। वही PNG की आग धीमी होती है खाना पकाने में समय लगता है।
LPG vs PNG खर्च का असली फर्क
LPG का एक घरेलू सिलेंडर 14.2 किलोग्राम का लगभग 800 से 1100 के बीच आता है। इसकी कीमत समय-समय पर बदलती रहती है। मतलब प्रति किलोग्राम का खर्चा 70 रुपए प्रति किलोग्राम बैठता है। वही PNG का रेट आमतौर पर 40 से 60 रुपए प्रति यूनिट होता है। कई जगहों पर यह 40 से 50 रुपए प्रति यूनिट भी देखा गया है।
इसमें मीटर के हिसाब से बिल आता है। जितना इस्तेमाल उतना पैसा। PNG लगवाने का शुरुआती खर्च काफी भारी पड़ता है जो की 6000 से ₹7000 इंस्टॉलेशन में लग जाता है। LPG शुरुआत में सस्ती होती है, पर हर महीने बजट को बिगाड़ती है। मतलब एक परिवार PNG पर शिफ्ट होने के बाद हर महीने 200 से 300 रुपए प्रति सिलेंडर बचा सकता है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर वर्तमान में मिडिल ईस्ट के संकट को देखते हुए भारत सरकार अब हर जगह PNG की व्यवस्था कर रही है ताकि LPG पर निर्भरता कम की जा सके और लोगों को घरों में कुकिंग का बजट फ्रेंडली सुरक्षित विकल्प प्रदान किया जा सके।

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