Breaking News : RLA सोलन फर्जीवाड़ा—2 क्लर्क, 4 एजेंट गिरफ्तार, करोड़ों का खेल उजागर

सोलन में वाहन पंजीकरण से जुड़े बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो क्लर्क और चार एजेंटों को गिरफ्तार किया है। मामले में करोड़ों रुपये के लेनदेन की आशंका जताई जा रही है।

यह कार्रवाई क्षेत्रीय परिवहन एवं लाइसेंसिंग प्राधिकरण (RLA) सोलन में सामने आई अनियमितताओं के बाद की गई। आरोपियों में सोलन के अलावा बिलासपुर, मंडी, ऊना और कांगड़ा के लोग शामिल हैं।

मुख्य आरोपी बिलासपुर का क्लर्क गौरव भारद्वाज बताया गया है। जांच में सामने आया कि उसने फर्जी यूजर आईडी बनाकर पूरे नेटवर्क को संचालित किया। इसी के जरिए वाहन पंजीकरण और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को अवैध तरीके से पूरा किया गया।


पुलिस के अनुसार, कई वाहनों का पंजीकरण बिना मोटर वाहन निरीक्षक के निरीक्षण के ही कर दिया गया। नियमों को पूरी तरह दरकिनार किया गया और दस्तावेजों में भी हेरफेर की गई।
जांच के दौरान खुलासा हुआ कि क्लर्क जितेंद्र ठाकुर की आईडी के अलावा एसडीएम डॉ. पूनम के नाम से भी फर्जी आईडी बनाई गई थीं। इन आईडी के जरिए अप्रूवल और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी की जाती थी।


तकनीकी जांच में आईपी लॉग्स, ओटीपी रिकॉर्ड और कॉल डिटेल रिकॉर्ड का विश्लेषण किया गया। इससे पूरे फर्जीवाड़े की परतें खुलीं और आरोपी तक पहुंच बनाई गई।
गौरव ने एजेंटों का एक नेटवर्क तैयार कर रखा था। ये एजेंट वाहन मालिकों से पैसे वसूलते थे और फर्जी दस्तावेज तैयार कराते थे। इसमें वजन बढ़ाना, सीरियल नंबर बदलना और बैंक डिटेल हटाना शामिल था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गौरव के खातों में संदिग्ध तरीके से करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ। यह रकम अलग-अलग व्यक्तियों और एजेंटों के माध्यम से जमा कराई गई।
3 अप्रैल को पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें जितेंद्र ठाकुर, अनिल कुमार, राज कुमार, जितेंद्र कुमार, नरेश कुमार और विकास सिंह उर्फ शालू शामिल हैं।
सभी आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने जांच के लिए डीएसपी अशोक चौहान के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया है।
यह मामला 26 जनवरी 2026 को सामने आया था, जब आरएलए सोलन की अधिकारी डॉ. पूनम बंसल ने शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में वाहन पंजीकरण और स्वामित्व हस्तांतरण में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए थे।
एसपी सोलन टीएसडी वर्मा ने बताया कि जांच अभी जारी है। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और आगे भी गिरफ्तारियां संभव हैं।




