Paonta Sahib: हनुमान जी का किरदार निभाने वाले संयम गुप्ता, रामलीला के मंच से जनसमस्याओं तक बना रहे पहचान
पांवटा साहिब: भगवान श्री हनुमान जी की भक्ति हो या देवराज इंद्र और महर्षि वशिष्ठ जैसे पौराणिक पात्रों का अभिनय, संयम गुप्ता इन दिनों दून ड्रामेटिक क्लब की 73वीं रामलीला में तीन अलग-अलग भूमिकाएं निभा रहे हैं। धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों से बचपन से जुड़े संयम भारतीय जनता युवा मोर्चा मंडल पांवटा साहिब के अध्यक्ष भी हैं। रामलीला के मंच पर अभिनय के साथ वह स्थानीय समस्याओं को उठाने में भी सक्रिय रहते हैं।
पांच साल से निभा रहे हैं हनुमान जी की भूमिका
संयम गुप्ता वर्ष 2010 से दून ड्रामेटिक क्लब के साथ जुड़े हुए हैं। वह बचपन से ही रामलीला में अलग-अलग पौराणिक पात्रों का अभिनय करते आ रहे हैं। पिछले पांच वर्षों से वह भगवान श्री हनुमान जी की भूमिका निभा रहे हैं। इस वर्ष उन्हें हनुमान जी के अलावा देवराज इंद्र और महर्षि वशिष्ठ के किरदार निभाने का अवसर मिला है।

तीनों पात्रों की वेशभूषा, भाव और अभिनय का अंदाज अलग-अलग है। इन भूमिकाओं के माध्यम से वह रामलीला के विभिन्न प्रसंगों को दर्शकों के सामने प्रस्तुत कर रहे हैं।
धार्मिक आयोजनों में भी लेते हैं भाग

संयम गुप्ता की भागीदारी रामलीला तक ही सीमित नहीं है। वह जन्माष्टमी और वामन द्वादशी जैसे धार्मिक आयोजनों में भी हिस्सा लेते हैं। भगवान श्री हनुमान जी के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए उनका कहना है, “भगवान श्री हनुमान जी की कृपा से ही सब संभव हो पा रहा है।”
दून ड्रामेटिक क्लब वर्ष 1953 से पांवटा साहिब में रामलीला का आयोजन कर रहा है। संयम गुप्ता का इस मंच से जुड़ाव भी इसी सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है।
शहर की समस्याओं को भी उठाते हैं
धार्मिक गतिविधियों के साथ संयम गुप्ता राजनीतिक क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। भारतीय जनता युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष के रूप में वह शहर की सड़कों की खराब हालत, यातायात जाम और भारी वाहनों की आवाजाही जैसे मुद्दों को उठाते रहे हैं।
शहर में रात आठ बजे के बाद ट्रकों के कारण लगने वाले जाम और पुरुवाला-बद्रीपुर सड़क पर भारी टिप्परों की आवाजाही को लेकर भी उन्होंने आवाज उठाई। इन मुद्दों पर प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई और निर्धारित समय को लेकर प्रतिबंध लागू होने की जानकारी सामने आई है।
इस तरह संयम गुप्ता का जुड़ाव एक ओर धार्मिक मंच और सांस्कृतिक परंपराओं से है, तो दूसरी ओर वह सार्वजनिक जीवन में स्थानीय समस्याओं को सामने रखने की भूमिका भी निभा रहे हैं।


