पांवटा साहिब में भाजपा के दोनों मंडलों की संयुक्त बैठक, संगठन की मजबूती और 2027 के चुनाव पर चर्चा
पांवटा साहिब: हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब में भाजपा के दोनों मंडलों की संयुक्त बैठक तारूवाला स्थित ज्ञान चंद गोयल धर्मशाला में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष हितेंद्र कुमार और रमेश तोमर ने की। इसमें भाजपा के संगठन मंत्री सिद्धार्थन, सांसद सुरेश कश्यप और पांवटा साहिब के विधायक एवं पूर्व ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक में संगठन को मजबूत बनाने और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की गई।
बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने पर जोर
भाजपा संगठन मंत्री सिद्धार्थन ने कार्यकर्ताओं को संगठन की मजबूती, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ काम करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी की ताकत उसके समर्पित कार्यकर्ता हैं। इसलिए प्रत्येक कार्यकर्ता को बूथ स्तर पर सक्रिय रहकर अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

उन्होंने बूथ अध्यक्षों, बूथ पालकों, ग्राम केंद्र प्रमुखों और प्रभारियों से नियमित बैठकें करने तथा लोगों के साथ संपर्क बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि चुनाव की तैयारी अंतिम समय में करने के बजाय अभी से योजनाबद्ध तरीके से काम करना जरूरी है। जनता की समस्याओं को समझना और अधिक से अधिक लोगों को संगठन से जोड़ना भी प्राथमिकता होनी चाहिए।
सुखराम चौधरी ने कार्यकर्ताओं को दिया मार्गदर्शन

विधायक सुखराम चौधरी ने कहा कि पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्र में भाजपा को और मजबूत बनाने के लिए सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि मजबूत बूथ, सक्रिय कार्यकर्ता और जनता के साथ बेहतर संपर्क चुनाव में अहम भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से लोगों के सुख-दुख में शामिल होने, उनकी समस्याएं सुनने और केंद्र सरकार की योजनाओं तथा पार्टी की नीतियों की जानकारी आम जनता तक पहुंचाने की अपील की। उन्होंने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अभी से पूरी जिम्मेदारी के साथ संगठनात्मक गतिविधियां चलाने पर जोर दिया।
सुरेश कश्यप ने भी एकजुटता का दिया संदेश
सांसद सुरेश कश्यप ने संगठन में एकता और बूथ स्तर पर सक्रियता को जरूरी बताया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पार्टी की विचारधारा और उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया।
बैठक में दोनों मंडलों के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, विभिन्न मोर्चों के सदस्यों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। बैठक में संगठनात्मक जिम्मेदारियों, जनसंपर्क बढ़ाने और चुनावी तैयारियों को प्रभावी बनाने पर विचार-विमर्श किया गया।



