शिमला (ठियोग)में चिट्टा तस्करी का बड़ा खुलासा: कोर्ट का चपरासी गिरफ्तार, बैंक अधिकारी पहले ही पकड़ा गया

शिमला जिले के ठियोग में चिट्टा तस्करी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। फॉरवर्ड लिंकेज के आधार पर जेएमएफसी कोर्ट का चपरासी गिरफ्तार किया गया है। इससे नशे के नेटवर्क की गहराई उजागर हुई है।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई 12 अप्रैल को दर्ज एनडीपीएस एक्ट के मामले में की गई। इससे पहले इसी केस में एक बैंक अधिकारी को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। अब जांच का दायरा और बढ़ गया है।
12 अप्रैल को ठियोग थाना पुलिस ने नंगलदेवी के पास एक कार को रोका। तलाशी के दौरान कुलदीप वर्मा उर्फ आशू के कब्जे से 8.340 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।


पूछताछ में कुलदीप ने बड़ा खुलासा किया। उसने बताया कि वह यह चिट्टा हितेंद्र मेहता उर्फ रिंकू को सप्लाई करने जा रहा था। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी और वित्तीय जांच शुरू की।
जांच में व्हाट्सएप चैट और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन अहम सबूत बने। दोनों आरोपियों के बीच नशे के कारोबार से जुड़ी बातचीत सामने आई। डिजिटल पेमेंट ने अवैध लेन-देन की पुष्टि की।

पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने हितेंद्र मेहता को गिरफ्तार किया। वह जेएमएफसी कोर्ट ठियोग में चपरासी के पद पर कार्यरत है। मामले में उसकी संलिप्तता पाए जाने पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 29 भी जोड़ी गई है।
पुलिस आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2026 में अब तक जिले में 100 एनडीपीएस मामले दर्ज हुए हैं। इन मामलों में 214 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें से 38 आरोपी फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज से जुड़े हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने कहा कि नशे के पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए अभियान जारी रहेगा। पुलिस हर कड़ी तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।


