अग्निवीर योजना पर सीएम सुक्खू का बड़ा कदम, केंद्र को पत्र लिखकर उठाएंगे हिमाचल के युवाओं की आवाज

शिमला। हिमाचल प्रदेश में अग्निवीर भर्ती योजना को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। पूर्व सैनिक कल्याण बोर्ड की बैठक में पूर्व सैनिकों ने योजना को बंद करने की मांग मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के सामने रखी।
पूर्व सैनिकों ने कहा कि अग्निवीर योजना के कारण युवाओं के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। उन्होंने नियमित सैन्य भर्ती में मिलने वाली नौकरी की स्थिरता और पेंशन जैसी सुविधाओं का मुद्दा भी उठाया।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वह पूर्व सैनिकों की भावनाओं को केंद्र सरकार तक पहुंचाएंगे। इसके लिए प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर अग्निवीर योजना को लेकर हिमाचल की चिंताओं से अवगत करवाने की बात कही।


मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्निवीर योजना से हिमाचल को नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि कांगड़ा, हमीरपुर, ऊना और बिलासपुर जैसे जिलों में सेना में भर्ती का स्थानीय अर्थव्यवस्था से भी गहरा संबंध रहा है।
सुक्खू ने सेना में हिमाचल के भर्ती कोटे में कमी को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि परमवीर चक्र विजेताओं की भूमि हिमाचल के युवाओं के लिए नियमित सैन्य भर्ती को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

बैठक में युवाओं के रोजगार का मुद्दा भी उठा। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश पुलिस में 1,300 पदों पर भर्ती की जा चुकी है, जबकि 1,000 अन्य पदों को जल्द भरने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने पूर्व सैनिकों से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के अवसर बढ़ाने के लिए प्राकृतिक खेती को अपनाने की अपील भी की।
बैठक में सैनिक कल्याण मंत्री डॉ. कर्नल धनी राम शांडिल, पूर्व सैनिक कल्याण निगम के अध्यक्ष कर्नल मनीष कुमार और मुख्य सचिव केके पंत समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।


