हिमाचल में बुजुर्ग दंपती को 2 दिन किया डिजिटल अरेस्ट, 72.10 लाख ठगे: ठगे जाने से पहले बैंक मैनेजर ने चेताया फिर भी नहीं माने

हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के नालागढ़ में साइबर ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां शातिरों ने एक बुजुर्ग दंपती को कथित तौर पर दो दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा और उनसे 72.10 लाख रुपये ठग लिए।
दंपती दोनों उच्च पदों से सेवानिवृत्त बताए जा रहे हैं। शातिरों को इसकी जानकारी पहले से थी। ठगी के बाद दंपती ने इस घटना की जानकारी किसी को नहीं दी। मामला उस समय सामने आया, जब शातिरों को भेजे जाने वाले कुछ दस्तावेज गलती से नालागढ़ के पेंशनर समूह में पहुंच गए।
NIA अधिकारी बनकर किया फोन


जानकारी के अनुसार, 5 सितंबर को दंपती के पास एक फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को एनआईए का चीफ प्रकाश अग्रवाल बताया। उसने दंपती से कहा कि वे एटीएस की निगरानी में हैं।
शातिरों ने दावा किया कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल केनरा बैंक में आतंकी गतिविधियों के लिए किया गया है। इसके बाद उन्होंने दंपती को डराकर कहा कि अगर वे इस मामले से बाहर निकलना चाहते हैं तो उनकी बात माननी होगी।

दस्तावेज लेकर मांगी 72.10 लाख की रकम
शातिरों ने दंपती से बैंक खाते की जानकारी, आधार कार्ड और पैन कार्ड समेत कई दस्तावेज हासिल कर लिए। इसके बाद उनसे 72 लाख 10 हजार रुपये सुरक्षा राशि के नाम पर जमा करने को कहा गया।
उन्हें एक आवेदन लिखने के लिए भी कहा गया, जिसमें वरिष्ठ नागरिक होने और बीमार होने का उल्लेख करने को कहा गया। साथ ही किसी अन्य व्यक्ति को इस बारे में बताने से मना किया गया।
बैंक मैनेजर ने भी समझाया
शातिरों के दबाव में दंपती नालागढ़ स्थित पंजाब नेशनल बैंक पहुंचे। उन्होंने अपनी एफडी तुड़वाकर रकम निकालने की प्रक्रिया शुरू की। बैंक प्रबंधक सौरभ मोक्टा ने करीब आधे घंटे तक दोनों को समझाया और साइबर ठगी की आशंका जताते हुए पैसे जमा न करने की सलाह दी।
बताया जा रहा है कि दंपती काफी डरे हुए थे। उन्होंने बैंक प्रबंधक को बताया कि उन्हें संपत्ति खरीदनी है। बार-बार समझाने के बावजूद उन्होंने शातिरों के बताए खाते में 72.10 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
मामला सामने आने के बाद साइबर ठगी को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

