हिमाचल प्रदेश: 44,616 छात्रों की स्कॉलरशिप अटकी! अब आधार लिंक न होने पर शिक्षा विभाग का बड़ा एक्शन

हिमाचल प्रदेश में हजारों विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति बैंक खातों से आधार लिंक न होने के कारण अटक गई है। प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2022-23 से 2025-26 तक कुल 44,616 छात्रवृत्ति आवेदन लंबित हैं। इनमें अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग (EBC) और डीएनटी वर्ग के विद्यार्थियों की प्री-मैट्रिक व पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्तियां शामिल हैं।
विभाग के मुताबिक, सबसे अधिक लंबित मामले केंद्र सरकार की प्री-मैट्रिक, पोस्ट-मैट्रिक और पीएम-यशस्वी छात्रवृत्ति योजनाओं से जुड़े हैं। वहीं, वर्ष 2024-25 में पीएम-यशस्वी योजना के कुछ पात्र विद्यार्थियों को सीमित बजट के कारण भी राशि जारी नहीं हो सकी।
इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद शिक्षा विभाग ने सभी शिक्षण संस्थानों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अदालत ने केंद्र और राज्य सरकारों को लंबित छात्रवृत्ति मामलों का निपटारा चार महीने के भीतर करने के आदेश दिए हैं।


उच्च शिक्षा विभाग ने कहा है कि छात्रवृत्ति सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाती है। जिन विद्यार्थियों के बैंक खाते अभी तक आधार से लिंक नहीं हैं, उनके आवेदन लंबित पड़े हैं। ऐसे सभी मामलों में संबंधित संस्थानों को विद्यार्थियों से संपर्क कर जल्द से जल्द आधार सीडिंग पूरी करवाने के निर्देश दिए गए हैं।
नए आदेशों के अनुसार यदि किसी छात्र की छात्रवृत्ति किसी कारणवश जारी नहीं हो पाती है, तो संबंधित शिक्षण संस्थान को दो महीने के भीतर इसका लिखित कारण देना होगा। साथ ही भविष्य में निर्धारित समय के भीतर छात्रवृत्ति वितरण सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है।

विभाग ने चेतावनी दी है कि जिन आवेदनों का सत्यापन हो चुका है, उनमें भी यदि आधार लिंक की प्रक्रिया अधूरी है तो उसे तुरंत पूरा कराया जाए। भविष्य में आधार से लिंक किए बिना कोई भी छात्रवृत्ति आवेदन भेजा गया तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित संस्थान के प्रधानाचार्य और नोडल अधिकारी की होगी।


