पांवटा साहिब सिविल अस्पताल में लैब बंद, डेढ़ करोड़ की देनदारी! गरीब मरीजों पर पड़ रहा इलाज का बोझ

पांवटा साहिब: सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में लैब जांच की सुविधा बंद होने से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। करीब एक सितंबर से अस्पताल में लैब टेस्ट बंद हैं। रोजाना इलाज के लिए पहुंचने वाले करीब 800 से 1000 मरीज इससे प्रभावित हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार अस्पताल में लैब सेवाएं देने वाली निजी कंपनी का करीब डेढ़ करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है। भुगतान नहीं होने के कारण कंपनी ने अपनी सेवाएं बंद कर दी हैं। इसका सीधा असर मरीजों पर पड़ रहा है।
डॉक्टरों द्वारा जांच लिखे जाने के बाद मरीजों को कई टेस्ट निजी लैब से करवाने पड़ रहे हैं। इससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। सरकारी अस्पताल में कम खर्च में इलाज की उम्मीद लेकर आने वाले लोगों को अब जांच के लिए बाहर जाना पड़ रहा है।


प्रभारी सिविल अस्पताल पांवटा साहिब डॉ. राघव ने बताया कि बकाया भुगतान के कारण लैब कंपनी ने अस्पताल में टेस्ट करना बंद किया है। उन्होंने कहा कि मरीजों को हो रही परेशानी को देखते हुए समस्या के समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द लैब सेवाएं बहाल करवाने की कोशिश की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पांवटा सिविल अस्पताल में बड़ी संख्या में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से मरीज पहुंचते हैं। ऐसे में जरूरी जांच सुविधाएं बंद होने से उन्हें काफी परेशानी हो रही है। बाहर से जांच करवाने में अतिरिक्त पैसा खर्च होने के साथ मरीजों का समय भी बर्बाद हो रहा है।

लोगों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि लंबित भुगतान का जल्द समाधान कर अस्पताल में लैब सेवाएं दोबारा शुरू की जाएं। लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में आने वाले गरीब मरीजों को जांच के लिए निजी लैब पर निर्भर नहीं होना चाहिए।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि अस्पताल में लैब सुविधा कब तक बहाल होती है। स्थानीय लोगों ने सरकार से इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई करने की मांग की है।

