पांवटा साहिब के सरकारी कर्मचारियों ने उठाईं 9 बड़ी मांगें, वेतन, पार्किंग, सुरक्षा और आवास को लेकर सौंपा मांगपत्र

पांवटा साहिब: अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ, तहसील पांवटा साहिब ने स्थानीय प्रशासन के माध्यम से सरकार के समक्ष कर्मचारियों और आम जनता से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए हैं। महासंघ ने नौ प्रमुख मांगों वाला एक मांगपत्र सौंपते हुए इन पर जल्द कार्रवाई की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान से न केवल सरकारी कर्मचारियों को राहत मिलेगी, बल्कि आम लोगों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
महासंघ ने सबसे पहले पांवटा साहिब स्थित मिनी सचिवालय भवन की मरम्मत और रखरखाव के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराने की मांग की है। इसके साथ ही संबंधित विभाग से भवन की मरम्मत का विस्तृत अनुमान तैयार करवाने का आग्रह भी किया गया है, ताकि भवन को सुरक्षित और बेहतर बनाया जा सके।
मांगपत्र में सरकारी कर्मचारियों के लिए हाउसिंग बोर्ड के पुराने सरकारी आवासों की मरम्मत और नवीनीकरण की मांग भी शामिल है। यदि इन आवासों की मरम्मत संभव नहीं है तो कर्मचारियों के लिए नए सरकारी आवास बनाने का प्रस्ताव तैयार करने की बात कही गई है।


महासंघ ने पांवटा साहिब क्षेत्र में हरित पट्टियों के विकास और बड़े स्तर पर पौधारोपण के लिए उपयुक्त सरकारी भूमि चिन्हित करने का मुद्दा भी उठाया है। इसके लिए वन विभाग और बागवानी विभाग को आवश्यक निर्देश देने की मांग की गई है।
वेतन संबंधी मामलों में कर्मचारियों ने सातवें वेतन आयोग के लंबित एरियर का जल्द भुगतान करने और महंगाई भत्ते (डीए) के बकाया एरियर जारी करने की मांग रखी है। साथ ही कर्मचारियों को केंद्र सरकार के कर्मचारियों के समान दरों पर महंगाई भत्ता देने की भी मांग की गई है। इसके अलावा, भविष्य में भारत सरकार द्वारा आठवां वेतन आयोग लागू किए जाने के बाद हिमाचल प्रदेश में भी इसे बिना देरी लागू करने की मांग उठाई गई है।

महासंघ ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई है। मांगपत्र में कहा गया है कि रात के समय बिना नंबर प्लेट, बिना वैध दस्तावेजों और अवैध रूप से रेत-बजरी ढोने वाले ट्रक, डंपर, ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य भारी वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि दुर्घटनाओं पर रोक लग सके और कर्मचारियों सहित आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
इसके अलावा मिनी सचिवालय परिसर में कर्मचारियों के लिए पर्याप्त और सुरक्षित पार्किंग व्यवस्था विकसित करने, दोपहिया वाहनों की लगातार हो रही चोरी रोकने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने, पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने और नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग भी की गई है। महिला कर्मचारियों के लिए उचित शौचालय की व्यवस्था करने का मुद्दा भी प्रमुखता से रखा गया।
महासंघ ने शहर के प्रमुख चौकों—बांगरण, विश्वकर्मा चौक और बद्रीपुर—में सार्वजनिक शौचालय बनाने की मांग भी प्रशासन के सामने रखी है। कर्मचारियों का कहना है कि इन मांगों के पूरा होने से कार्यस्थल की सुविधाओं में सुधार होगा और आम लोगों को भी बेहतर नागरिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
इस उपलक्ष्य पर मुख्य रूप से प्रेसिडेंट गुरबचन, जनरल सेक्रेटरी तरुण परमार, वाइस प्रेसिडेंट सुनील तोमर, डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट, रामचंद्र एवं अन्य लोग शामिल रहे।



