नाहन में गूंजी गौसंरक्षण की मांग, राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री तक भेजा गया ज्ञापन

नाहन: देशभर में चल रहे गौसम्मान आह्वान अभियान के तहत सोमवार को जिला सिरमौर मुख्यालय नाहन में गौसेवकों ने एकत्र होकर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। अभियान के अंतर्गत गौसेवकों ने उपायुक्त सिरमौर के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
गौसेवकों का कहना है कि यह अभियान संत समाज के आह्वान पर देशभर में चलाया जा रहा है। उनका उद्देश्य गौसंरक्षण को लेकर जनजागरूकता बढ़ाना और सरकार का ध्यान इस विषय की ओर आकर्षित करना है। ज्ञापन में केंद्र सरकार से पूरे देश में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और गौमाता को “राष्ट्रमाता” का दर्जा देने की मांग की गई है।
अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों ने बताया कि यह कार्यक्रम कई चरणों में आयोजित किया जा रहा है। पहले और दूसरे चरण में देशभर के विभिन्न जिलों में ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। इसके बाद तीसरे चरण में प्रदेश स्तर पर एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें 27 अक्टूबर को लगभग 50 लाख हस्ताक्षरों के साथ राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपने की योजना है। इसके लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान भी चलाया जाएगा।


गौसेवकों ने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों से इस अभियान को समर्थन मिल रहा है और बड़ी संख्या में लोग हस्ताक्षर अभियान से जुड़ रहे हैं। उनका मानना है कि गौसंरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यावरण से भी जुड़ा हुआ है।
इस अवसर पर सुरेंद्र हिंदुस्तानी, अनिल ठाकुर, अपर्णा शर्मा, भरत राणा, सचिन ओबरॉय, अनूप अग्रवाल, नीरज ठाकुर, नितिका पोजटा, तमन्ना चौहान, इंद्रा चावरिया, नीरज चांवरिया, संजीव गुप्ता, निर्मल, मनीष बिरसांटा, रघुबीर, कार्तिक सहित अनेक गौसेवक उपस्थित रहे।

गौसेवकों ने उम्मीद जताई कि उनकी मांगों पर केंद्र और राज्य सरकार सकारात्मक विचार करेगी तथा गौसंरक्षण को लेकर प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।

