सिरमौर की बेटी ने रचा इतिहास! AIIMS में नर्सिंग ऑफिसर बनकर बढ़ाया हिमाचल का मान

सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र के छोटे से गांव बोबरी की बेटी काजल चौहान ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उनका चयन एम्स पुदुचेरी में नर्सिंग ऑफिसर के पद पर हुआ है। इस सफलता से परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
काजल, राजेंद्र सिंह की पुत्री हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा शिलाई के एक निजी विद्यालय से पूरी की। इसके बाद उन्होंने पांवटा साहिब के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से मेडिकल विषय में 12वीं की पढ़ाई प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की।
स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद काजल ने नाहन स्थित माता पद्मावती नर्सिंग कॉलेज से बीएससी नर्सिंग की डिग्री हासिल की। पढ़ाई के दौरान उन्होंने लगातार अच्छे परिणाम प्राप्त किए और अपने लक्ष्य पर पूरा ध्यान बनाए रखा।


डिग्री पूरी होने के बाद काजल ने नर्सिंग से जुड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की। नियमित अध्ययन, अनुशासन और कठिन मेहनत के बल पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया। अब उनका चयन एम्स पुदुचेरी में नर्सिंग ऑफिसर के रूप में हुआ है, जिसे पूरे सिरमौर के लिए गर्व की बात माना जा रहा है।
काजल की सफलता की खबर मिलते ही गांव बोबरी, शिलाई, गिरिपार और जिले के अन्य क्षेत्रों से उन्हें बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया। परिवार के सदस्यों ने इसे वर्षों की मेहनत का परिणाम बताया, जबकि स्थानीय लोगों ने कहा कि काजल ने साबित कर दिया है कि मजबूत इरादों के साथ कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है।

शिक्षकों और क्षेत्र के लोगों का कहना है कि काजल की उपलब्धि उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े लक्ष्य हासिल करना चाहते हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि निरंतर प्रयास, धैर्य और आत्मविश्वास के साथ हर चुनौती को पार किया जा सकता है।
काजल चौहान की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे सिरमौर और हिमाचल प्रदेश के लिए सम्मान की बात है। क्षेत्रवासियों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि वह आगे भी अपने कार्य से प्रदेश का नाम रोशन करेंगी।


