ब्रिटिश पार्लियामेंट में पांवटा की बेटी का सम्मान, डॉ. हरलीन कौर ने बढ़ाया हिमाचल का मान

पांवटा साहिब: सिरमौर के पांवटा साहिब की रहने वाली डॉ. हरलीन कौर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्हें लंदन स्थित ब्रिटिश संसद (हाउस ऑफ कॉमन्स) में आयोजित एक सम्मान समारोह के दौरान वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन की ओर से ‘सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेंस’ प्रदान किया गया। यह सम्मान उन्हें वैकल्पिक चिकित्सा, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, समाज सेवा और मानव कल्याण के क्षेत्र में लंबे समय से किए जा रहे योगदान के लिए मिला।
यह सम्मान समारोह 26 जून 2026 को आयोजित हुआ, जिसमें कई देशों से चुनी गई प्रमुख हस्तियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पूर्व ब्रिटिश सांसद वीरेंद्र शर्मा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
इस उपलब्धि के साथ डॉ. हरलीन कौर ब्रिटिश संसद में सम्मानित होने वाली हिमाचल प्रदेश की पहली महिला बन गई हैं। इससे पहले राज्य के कुछ ही लोगों को यह सम्मान मिल चुका है। उनकी इस सफलता से पांवटा साहिब और पूरे हिमाचल प्रदेश में खुशी का माहौल है।


डॉ. हरलीन कौर Healing Urja Institute of Cosmic Sciences की संस्थापक हैं। उनके संस्थान के केंद्र पांवटा साहिब, देहरादून और दिल्ली में संचालित हैं। पिछले करीब 20 वर्षों से वे टैरो, रेकी, एंजेल हीलिंग, मेडिटेशन, पास्ट लाइफ रिग्रेशन और अन्य वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से लोगों का मार्गदर्शन कर रही हैं। इसके साथ ही वे हजारों विद्यार्थियों को विभिन्न हीलिंग तकनीकों का प्रशिक्षण भी दे चुकी हैं।
उन्हें वैकल्पिक चिकित्सा के क्षेत्र में पीएचडी और डॉक्टर ऑफ साइंस (D.Sc.) जैसी शैक्षणिक उपाधियां भी मिल चुकी हैं। वे Rotary Fellowship of Hypnosis and Healing (RFHH) की संस्थापक अध्यक्ष भी हैं, जो मानसिक स्वास्थ्य और हीलिंग के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य करती है।

सम्मान मिलने के बाद डॉ. हरलीन कौर ने कहा कि यह उपलब्धि केवल उनकी नहीं, बल्कि पांवटा साहिब, हिमाचल प्रदेश और पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने अपने माता-पिता, परिवार, विद्यार्थियों, सहयोगियों और शुभचिंतकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें समाज सेवा और मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में आगे भी पूरी निष्ठा से काम करने की प्रेरणा देगा।

