4 बेटियों के सिर से उठा पिता का साया: 33 केवी लाइन पर काम के दौरान 45 वर्षीय श्रमिक की मौत, परिजनों ने उठाए लापरवाही के सवाल

पांवटा साहिब के धौला कुआं क्षेत्र में शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में 45 वर्षीय बिजली कर्मी बारूराम की 33 केवी विद्युत लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। परिजनों और ग्रामीणों ने हादसे के लिए लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मृतक बारूराम पुत्र रामपाल, धौला कुआं के बेलवाली क्षेत्र के निवासी थे। परिवार के अनुसार वह पिछले करीब 15 वर्षों से बिजली विभाग के ठेकेदार के अधीन कार्य कर रहे थे। उनकी कमाई से ही पत्नी और चार बेटियों का पालन-पोषण तथा बच्चों की पढ़ाई का खर्च चलता था। अब उनके निधन के बाद परिवार के सामने रोजी-रोटी का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
परिजनों का आरोप है कि शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे ठेकेदार नासिर रावत ने बिना विभागीय सूचना और बिना बिजली आपूर्ति बंद कराए बारूराम को बिजली के खंभे पर काम करने के लिए भेज दिया। इसी दौरान वह 33 केवी लाइन की चपेट में आ गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।


मृतक के चाचा और भाई का कहना है कि बारूराम ही परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। अब उनकी पत्नी और चार बेटियों का भविष्य अनिश्चित हो गया है। उन्होंने प्रशासन से परिवार को न्याय, आर्थिक सहायता और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पूर्व प्रधान संजय चौधरी ने बताया कि घटना के बाद से ग्रामीण और परिजन अस्पताल में मौजूद हैं। उनके अनुसार पुलिस ने बयान दर्ज किए हैं, लेकिन अब तक कथित जिम्मेदार व्यक्ति से पूछताछ नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो परिजन और ग्रामीण विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।

बारूराम के साथ काम करने वाले कर्मचारियों अश्विनी और विनोद कुमार का कहना है कि उन्हें विभाग की ओर से इस कार्य को लेकर कोई सूचना या पावर कट की जानकारी नहीं दी गई थी। उनका कहना है कि यदि सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जाता तो शायद यह हादसा टल सकता था।
घटना की सूचना मिलते ही माजरा थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत की। पुलिस का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। जांच में जो भी व्यक्ति जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बारूराम की मौत ने न केवल एक परिवार से उसका सहारा छीन लिया, बल्कि कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदारी को लेकर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

