चम्बियारा में दशहरे पर कबड्डी का रोमांच! विजेता टीम को 31 हजार, बकरा और ट्रॉफी से किया जाएगा सम्मानित
चम्बियारा: दशहरा पर्व के अवसर पर चम्बियारा में खेल और संस्कृति का संगम देखने को मिलेगा। शिरगुल सेवा समिति चम्बियारा की ओर से 20 से 22 अक्टूबर 2026 तक छठी कबड्डी प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस आयोजन में कबड्डी के मुकाबलों के साथ सांस्कृतिक गतिविधियां भी होंगी।
समिति का उद्देश्य गांव के युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करना, स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर देना और आपसी भाईचारे को मजबूत करना है। इसके साथ ही क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपराओं को बनाए रखने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
विजेता टीम को मिलेंगे ₹31 हजार और बकरा

कबड्डी प्रतियोगिता ग्रामीण स्तर पर मैट पर आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता में जीतने वाली टीम को प्रथम पुरस्कार के रूप में ₹31,000 नकद, बकरा और ट्रॉफी दी जाएगी। वहीं, दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम को ₹15,000 नकद और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया जाएगा।
इसके अलावा खिलाड़ियों के प्रदर्शन को प्रोत्साहित करने के लिए सर्वश्रेष्ठ रेडर और सर्वश्रेष्ठ रक्षक को विशेष ट्रॉफी प्रदान की जाएगी। प्रतियोगिता में भाग लेने वाली टीमों को अपने खेल कौशल का प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा।

सांस्कृतिक संध्या और देव पालकी के होंगे दर्शन
कार्यक्रम के तहत 20 अक्टूबर की रात सांस्कृतिक संध्या आयोजित की जाएगी। इस दौरान देव पालकी दर्शन का कार्यक्रम भी रखा गया है। इससे दशहरा उत्सव में धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक रंग देखने को मिलेंगे।
समिति के सदस्य तैयारियों में जुटे
आयोजन को सफल बनाने के लिए शिरगुल सेवा समिति के अध्यक्ष विक्रम ठाकुर, उपाध्यक्ष बलदेव ठाकुर, महासचिव संदीप ठाकुर, सचिव वीर सिंह, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह, सचिव अनुज भंडारी और मितलेश ठाकुर सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।
इसके साथ ही मुख्य सलाहकार रमेश ठाकुर, नरेश ठाकुर और प्रदीप ठाकुर सहित गांव के युवा भी तैयारियों में सहयोग दे रहे हैं।
20 अक्टूबर से पहले करवाना होगा पंजीकरण
समिति ने सभी खेल प्रेमियों, युवाओं और क्षेत्रवासियों से प्रतियोगिता में भाग लेने और आयोजन को सफल बनाने की अपील की है। कबड्डी में हिस्सा लेने वाली टीमों को 20 अक्टूबर से पहले पंजीकरण करवाना होगा। निर्धारित तिथि के बाद किसी भी टीम की एंट्री स्वीकार नहीं की जाएगी।
समिति का कहना है कि खेलों, युवाओं और आपसी एकता के माध्यम से गांव की पहचान और गौरव को आगे बढ़ाना इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है।


