Himachal Pardesh : जोखिम भरे उद्योगों में अब ESIC रजिस्ट्रेशन जरूरी, एक कर्मचारी होने पर भी लागू होंगे नियम

हिमाचल प्रदेश में जोखिम भरे उद्योगों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने ऐसे उद्योगों में कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के तहत पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। अब खतरनाक श्रेणी के उद्योग में केवल एक कर्मचारी होने पर भी यह नियम लागू होगा।
पहले दस से कम कर्मचारियों वाले उद्योगों को इस दायरे से बाहर रखा गया था। इसी वजह से हजारों कर्मचारी और उनके परिवार सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे थे। नए निर्देशों के बाद अब अधिक कामगारों को चिकित्सा और आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
सरकार के फैसले से गत्ता फैक्ट्री, ऑटोमोबाइल वर्कशॉप और छोटे औद्योगिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारियों को बड़ा फायदा मिलेगा। कई जगह कम कर्मचारियों के कारण ESIC लागू नहीं हो पाया था, लेकिन अब यह बाध्यता खत्म हो गई है।


ESIC योजना के तहत कर्मचारियों को इलाज, अस्पताल सुविधा और दवाइयों की सुविधा मिलती है। बीमारी के दौरान आर्थिक सहायता भी दी जाती है। कार्यस्थल पर हादसे की स्थिति में अपंगता लाभ और परिवार को आश्रित लाभ देने का प्रावधान भी मौजूद है।
कर्मचारी बीमा निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक कर्नल मनजीत कटोच ने कहा कि यह योजना कर्मचारियों की सुरक्षा मजबूत करेगी। इससे इलाज का आर्थिक बोझ कम होगा और कामगारों को बेहतर सामाजिक सुरक्षा मिलेगी।

प्रदेश चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष सतीश गोयल और कानूनी सलाहकार देवव्रत यादव ने बताया कि कई जोखिम भरे उद्योग अब इस दायरे में आएंगे। इनमें लोहा और इस्पात उद्योग, कास्टिंग-फोर्जिंग फाउंड्री, रसायन उद्योग, पेपर पल्प उत्पादन और सिंथेटिक रबर निर्माण जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में सुरक्षा मानकों को देखते हुए ESIC कवरेज को और व्यापक बनाया जा सकता है। इससे प्रदेश के लाखों कर्मचारियों और उनके परिवारों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

