किन्नर कैलाश यात्रा पर बड़ा अपडेट: प्रशासन ने अगले आदेश तक लगाई रोक

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में आयोजित होने वाली प्रसिद्ध किन्नर कैलाश यात्रा को फिलहाल अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर बढ़ते प्राकृतिक खतरे को देखते हुए यह फैसला लिया है। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है, इसलिए फिलहाल किसी को भी यात्रा मार्ग पर जाने की अनुमति नहीं होगी।
जानकारी के अनुसार, पहले यात्रा का आयोजन 1 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक किया जाना तय था। यात्रा शुरू होने से पहले हर साल की तरह इस बार भी प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से पूरे मार्ग का निरीक्षण कराया गया।
निरीक्षण टीम की रिपोर्ट में कई गंभीर खतरे सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक मिलिंग खट्टा से शिवलिंग तक के रास्ते में बड़े ग्लेशियर मौजूद हैं, जिन पर भारी चट्टानें और बोल्डर अस्थिर स्थिति में हैं। तापमान बढ़ने से बर्फ तेजी से पिघल रही है, जिससे इन चट्टानों के किसी भी समय गिरने की आशंका बनी हुई है।


इसके अलावा गुफा से सोरंग तक के मार्ग पर कई स्थानों पर बड़े पत्थर गिरने से रास्ता बाधित हो गया है। प्रशासन का कहना है कि इन चट्टानों को हटाने के लिए विशेष मशीनों, पर्याप्त समय और सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत होगी। वर्तमान स्थिति में यात्रा कराना सुरक्षित नहीं माना जा सकता।
प्रशासन ने बताया कि इस पूरे मार्ग पर भूस्खलन, पत्थर गिरने और मलबा आने का खतरा लगातार बना हुआ है। खासकर रात के समय उपयोग होने वाला मार्ग सबसे अधिक जोखिम भरा है।

इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने किन्नर कैलाश यात्रा को अगले आदेश तक स्थगित करने का निर्णय लिया है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे बिना अनुमति यात्रा करने का प्रयास न करें और प्रशासन की ओर से जारी होने वाले अगले निर्देशों का इंतजार करें। मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित होने के बाद ही यात्रा शुरू करने पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।


