Paonta Sahib: 15 और 5 साल नौकरी करने वाली दो महिलाओं को हटाने पर बवाल, न्याय की मांग को लेकर SDM कार्यालय के बाहर होगा धरना

पांवटा साहिब: सिरमौर जिले के पांवटा साहिब में एक निजी कंपनी से दो महिला कर्मचारियों को नौकरी से हटाए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर मजदूर नेता प्रदीप चौहान के नेतृत्व में एसडीएम कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की गई है। प्रदर्शन का उद्देश्य दोनों महिलाओं के लिए न्याय की मांग उठाना और प्रशासन का ध्यान इस मामले की ओर आकर्षित करना बताया गया है।
प्रदीप चौहान का कहना है कि नौकरी से हटाई गई महिलाओं में ममता देवी और पार्वती देवी शामिल हैं। उनके अनुसार ममता देवी ने करीब 15 वर्षों तक और पार्वती देवी ने लगभग 5 वर्षों तक कंपनी में सेवाएं दीं। इतने लंबे समय तक काम करने के बावजूद दोनों को बिना निष्पक्ष जांच और उचित अवसर दिए नौकरी से हटा दिया गया, जिससे उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
उन्होंने कहा कि किसी भी कर्मचारी के खिलाफ यदि कोई शिकायत या विवाद हो तो कंपनी को सभी पक्षों की बात सुनकर निष्पक्ष प्रक्रिया अपनानी चाहिए। बिना पूरी जांच के इस तरह की कार्रवाई कर्मचारियों के अधिकारों के खिलाफ है और इससे लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों का मनोबल भी प्रभावित होता है।


मजदूर नेता ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि महिलाओं के साथ अन्याय हुआ है तो उन्हें जल्द न्याय दिलाते हुए दोबारा रोजगार उपलब्ध कराया जाए। उनका कहना है कि प्रशासन को इस मामले में गंभीरता दिखानी चाहिए ताकि भविष्य में किसी अन्य कर्मचारी के साथ इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न न हो।
धरना-प्रदर्शन को लेकर भी उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था का पूरा सम्मान किया जाएगा और किसी भी तरह की अव्यवस्था या तनाव की स्थिति पैदा नहीं होने दी जाएगी। प्रदर्शन का उद्देश्य केवल अपनी बात प्रशासन तक शांतिपूर्वक पहुंचाना है।

प्रदीप चौहान ने यह भी कहा कि यदि प्रशासन और संबंधित कंपनी समय रहते उचित कार्रवाई नहीं करते हैं तो आंदोलन को आगे और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में आंदोलन की जिम्मेदारी संबंधित कंपनी और प्रशासन की होगी। फिलहाल इस घोषणा के बाद स्थानीय श्रमिकों और लोगों की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।


