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पांवटा साहिब: गुरु पूर्णिमा पर 4 दिवसीय मेडिटेशन शिविर संपन्न, साधकों ने लिया तनावमुक्त जीवन का संकल्प

पांवटा साहिब: गुरु पूर्णिमा पर 4 दिवसीय मेडिटेशन शिविर संपन्न, साधकों ने लिया तनावमुक्त जीवन का संकल्प

पांवटा साहिब: गुरु पूर्णिमा पर 4 दिवसीय मेडिटेशन शिविर संपन्न, साधकों ने लिया तनावमुक्त जीवन का संकल्प

पांवटा साहिब: गुरु पूर्णिमा पर 4 दिवसीय मेडिटेशन शिविर संपन्न, साधकों ने लिया तनावमुक्त जीवन का संकल्प

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पांवटा साहिब: गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर पांवटा साहिब में आयोजित चार दिवसीय विशेष मेडिटेशन कार्यक्रम का गुरुवार को श्रद्धा और उत्साह के साथ समापन हो गया। आध्यात्मिक वातावरण में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साधकों ने भाग लेकर ध्यान, प्राणायाम और मौन साधना के माध्यम से मानसिक शांति और आत्मिक ऊर्जा का अनुभव किया।

यह विशेष कार्यक्रम 26 जुलाई से 29 जुलाई तक तरुवाला स्थित गियान चंद गोयल धर्मार्थ भवन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ मेडिटेशन प्रशिक्षक योगिन्दर सिंह (योगी भैया) ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों को विभिन्न ध्यान तकनीकों, श्वास अभ्यास और आध्यात्मिक सत्रों के माध्यम से मन को शांत रखने और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।

चार दिनों तक चले इस शिविर में प्रतिभागियों ने नियमित ध्यान, प्राणायाम और मौन साधना के साथ आत्मचिंतन के विभिन्न सत्रों में हिस्सा लिया। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को तनावमुक्त जीवन, मानसिक संतुलन और आंतरिक आनंद की अनुभूति कराना था। प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ सभी सत्रों में भाग लिया और अनुशासित वातावरण में साधना की।

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कार्यक्रम के सफल आयोजन में हैप्पीनेस प्रोग्राम के प्रशिक्षक सनी सेवाल, सुमेश वर्मा और आर्ट ऑफ लिविंग की स्थानीय टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजन को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए स्वयंसेवकों ने भी विभिन्न व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभाली।

समापन अवसर पर गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में विशेष सत्संग का आयोजन किया गया, जिसमें साधकों के साथ उनके परिवार के सदस्य भी शामिल हुए। भजन, ध्यान और गुरु वंदना के दौरान पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से आध्यात्मिक साधना का अनुभव साझा किया और कार्यक्रम को प्रेरणादायक बताया।

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प्रतिभागियों ने कहा कि चार दिनों की इस साधना ने उन्हें मानसिक तनाव कम करने, सकारात्मक सोच विकसित करने और जीवन में संतुलन बनाए रखने की नई प्रेरणा दी। कई लोगों ने नियमित ध्यान और सेवा कार्यों से जुड़े रहने का संकल्प भी लिया। उनका कहना था कि ऐसे कार्यक्रम व्यस्त जीवनशैली के बीच मानसिक शांति प्राप्त करने का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।

समापन समारोह के दौरान आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों, स्वयंसेवकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इसी प्रकार के आध्यात्मिक और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग ध्यान, योग और मानवीय मूल्यों से जुड़कर स्वस्थ, सकारात्मक और तनावमुक्त जीवन की ओर आगे बढ़ सकें। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने शहर में आध्यात्मिक वातावरण को और अधिक सशक्त बनाने का संदेश दिया।

Written by Newsghat Desk

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