सिरमौर: पश्मी में उमड़ी आस्था की लहर, 1500 से अधिक धियांटियों ने महासू महाराज को चढ़ाए 2 किलो चांदी के डोरिया

सिरमौर जिले के गिरिपार क्षेत्र में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आस्था, परंपरा और संस्कृति का भव्य संगम देखने को मिला। शिलाई उपमंडल के पश्मी गांव स्थित महासू महाराज के दरबार में सेवोग बिरादरी की बड़ी संख्या में धियांटियां (सेवगटी) पहुंचीं और देव दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
जानकारी के अनुसार, शिलाई क्षेत्र के करीब 18 से 22 गांवों से लगभग 1500 से अधिक धियांटियां पारंपरिक वेशभूषा में पश्मी पहुंचीं। श्रद्धालुओं ने धार्मिक गीतों, जयकारों और लोक परंपराओं के साथ मंदिर में प्रवेश किया। पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना रहा और मंदिर परिसर में दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।
गुरु पूर्णिमा के इस विशेष अवसर पर धियांटियों ने विधिवत पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इस दौरान छत्रधारी चालदा महाराज और बोठा महाराज को श्रद्धा स्वरूप एक-एक किलो वजन के चांदी के डोरिया भेंट किए गए। कुल दो किलो चांदी के इन देव चिन्हों को अर्पित करने की परंपरा ने श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह का माहौल बना दिया।


मंदिर परिसर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान बिरसू गायन ने वातावरण को और अधिक भक्तिमय बना दिया। महिलाओं की बड़ी भागीदारी ने यह भी दर्शाया कि क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने में नारी शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है। शिलाई बाजार और आसपास के इलाकों में भी गुरु पूर्णिमा का उत्साह साफ दिखाई दिया।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में भंडारे की व्यवस्था की गई, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन के दौरान चार भाई महासू महाराज के वजीर दीवान सिंह राणा को भी सम्मानित किया गया।

स्थानीय लोगों ने कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजन न केवल आस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि क्षेत्र की लोक संस्कृति और देव परंपराओं को भी नई पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर पश्मी में आयोजित यह कार्यक्रम गिरिपार क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और महासू महाराज के प्रति लोगों की गहरी श्रद्धा का प्रतीक बनकर सामने आया।यदि चाहें तो मैं इसके लिए एक दमदार सोशल मीडिया कैप्शन और वीडियो स्क्रिप्ट भी तैयार कर सकता हूँ।

