पांवटा साहिब में बच्चों ने लगाया हरियाली का संकल्प, 50 पौधों के साथ शुरू हुई नई पर्यावरण मुहिम

पांवटा साहिब में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल देखने को मिली। उम्मीद फाउंडेशन की ओर से दुग्गल करियर पब्लिक स्कूल परिसर में वृक्षारोपण अभियान आयोजित किया गया। इस अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों के बीच प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी रहा।
कार्यक्रम में स्कूल के प्रधानाचार्य नरेन कौशल ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। फाउंडेशन की प्रतिनिधि खुशी ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत हुई, जिसमें विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के कुल 50 पौधे लगाए गए। लगाए गए पौधों का चयन स्थानीय मौसम और पर्यावरण को ध्यान में रखकर किया गया, ताकि उनका बेहतर विकास हो सके।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को पेड़ों के महत्व और पर्यावरण संरक्षण के बारे में भी जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि लगातार बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच अधिक से अधिक पौधे लगाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कुछ पौधे लगाकर उनकी देखभाल करे, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सकता है।


इस अभियान का संचालन उम्मीद फाउंडेशन की पांवटा साहिब समन्वयक शहाना आतिश के नेतृत्व में किया गया। अभियान को सफल बनाने में फाउंडेशन के कई स्वयंसेवकों ने सक्रिय भूमिका निभाई। सभी ने पौधारोपण के साथ-साथ उनकी नियमित देखभाल करने का भी संकल्प लिया।
विद्यालय प्रबंधन ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों में सामाजिक जिम्मेदारी और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। स्कूल परिसर में हरियाली बढ़ने से वातावरण भी स्वच्छ और सुंदर बनेगा।

अभियान के समापन पर उम्मीद फाउंडेशन के निदेशक जावेद उल्फत ने विद्यालय प्रशासन, प्रधानाचार्य और सभी स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का साझा दायित्व है। इसी सोच के साथ फाउंडेशन भविष्य में भी ऐसे जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।
फाउंडेशन का कहना है कि “हरित धरती, बेहतर कल” केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक ऐसी सोच है जिसे हर व्यक्ति तक पहुंचाना जरूरी है। यदि समाज मिलकर प्रकृति की रक्षा के लिए आगे आए, तो पर्यावरण से जुड़ी कई समस्याओं का समाधान संभव हो सकता है। पांवटा साहिब में आयोजित यह अभियान इसी दिशा में एक सकारात्मक और प्रेरणादायक कदम माना जा रहा है।

