Weather Alert: हिमाचल में फिर बरसेगा मानसून का कहर! 4 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट, इन जिलों को रहना होगा सबसे ज्यादा सतर्क

शिमला: हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने 4 अगस्त तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लगातार हो रही बारिश के चलते भूस्खलन, सड़क अवरुद्ध होने और नदी-नालों के जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार 30 जुलाई को चंबा, कांगड़ा और मंडी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है, जिसके चलते ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं कुल्लू, शिमला, सिरमौर और किन्नौर जिलों में येलो अलर्ट रहेगा।
31 जुलाई को भी चंबा और कांगड़ा में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी रहेगा। इसके अलावा कुल्लू, मंडी, शिमला, किन्नौर और लाहौल-स्पीति में भी तेज बारिश को लेकर येलो अलर्ट घोषित किया गया है।


मौसम विभाग का कहना है कि 1 अगस्त को कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर में बारिश का असर बना रहेगा। वहीं 2 अगस्त को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर और किन्नौर जिलों में भी भारी बारिश की संभावना है। 3 और 4 अगस्त को भी प्रदेश के कई इलाकों में बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं।
पिछले 24 घंटों के दौरान कांगड़ा जिले के पालमपुर में सबसे अधिक 112 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा कांगड़ा में 105 मिमी, धर्मशाला में 82 मिमी, रामपुर में 45 मिमी, गुलेर में 42 मिमी और जोत में 41 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश का असर जनजीवन और यातायात पर भी देखने को मिल रहा है।

बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश में करीब 100 सड़कें प्रभावित हुई हैं। सबसे अधिक असर मंडी, कुल्लू और चंबा जिलों में देखा गया है। कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति और पेयजल योजनाएं भी बाधित हुई हैं। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में सड़कें खोलने और आवश्यक सेवाओं को बहाल करने में जुटा हुआ है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों के किनारे न जाएं और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें। अगले कुछ दिन प्रदेश के लिए चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं, इसलिए सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।


