सोलन: नौणी विश्वविद्यालय में दर्दनाक हादसा, खुले टैंक में डूबने से छात्र की मौ*त

सोलन के डॉ. यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे परिसर को झकझोर दिया। बीएससी ऑनर्स (बागवानी) अंतिम वर्ष के छात्र की पानी के टैंक में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद विश्वविद्यालय में हड़कंप मच गया।
मृतक की पहचान मंजीत जायसवाल के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के वाराणसी का रहने वाला था। वह भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) कोटे के तहत चयनित होकर यहां पढ़ाई कर रहा था। छात्र पढ़ाई में मेधावी बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, हादसे के समय विश्वविद्यालय में स्पोर्ट्स मीट चल रही थी। अधिकतर छात्र और शिक्षक खेल गतिविधियों में व्यस्त थे। इसी दौरान मंजीत हॉस्टल से टहलते हुए डेयरी क्षेत्र के पास पहुंच गया।


बताया जा रहा है कि वहां स्थित ऊंचे पानी के टैंक पर चढ़ते समय उसका संतुलन बिगड़ गया। पैर फिसलने से वह करीब 12 फीट गहरे टैंक में जा गिरा। पास मौजूद एक छात्र ने घटना देख शोर मचाया।
मौके पर तुरंत मदद नहीं मिल पाई। छात्र के पास मोबाइल नहीं था और टैंक की ऊंचाई अधिक होने के कारण बचाव में देरी हुई। जब तक उसे बाहर निकाला गया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

इस घटना ने विश्वविद्यालय प्रबंधन की लापरवाही को उजागर किया है। वर्ष 2007 में बना यह टैंक अब तक खुला पड़ा था। सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे और न ही वहां चेतावनी बोर्ड लगाया गया था।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग उठ रही है।
