हिमाचल के सरकारी स्कूलों में फेस रिकग्निशन हाजिरी अनिवार्य, अनुपस्थित दर्ज होने पर होगी कार्रवाई

स्कूल पहुंचने और छुट्टी के समय बायोमेट्रिक उपस्थिति जरूरी, शिक्षा निदेशालय ने जारी किए सख्त निर्देश
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के लिए फेस रिकग्निशन आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में सभी जिला और खंड स्तरीय अधिकारियों को नए निर्देश जारी किए हैं।
निदेशालय के आदेशों के अनुसार अब केवल स्कूल या कार्यालय पहुंचना ही पर्याप्त नहीं होगा। सभी कर्मचारियों को आने और जाने दोनों समय बायोमेट्रिक प्रणाली पर अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होगी। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।


निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के साथ-साथ उपनिदेशक, खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी (BEEO) और अन्य विभागीय कर्मचारियों को भी फेस रिकग्निशन बायोमेट्रिक सिस्टम का उपयोग करना होगा।
शिक्षा विभाग का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना है। विभाग का मानना है कि इससे स्कूलों और कार्यालयों में जवाबदेही मजबूत होगी तथा कार्य संस्कृति में सुधार आएगा।

निदेशालय ने सभी संबंधित अधिकारियों को आदेशों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या नियमों की अनदेखी को गंभीरता से लिया जाएगा।
यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं करता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। विभाग ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने कहा कि फेस रिकग्निशन आधारित उपस्थिति प्रणाली से कर्मचारियों की नियमितता बढ़ेगी। इससे शिक्षा विभाग के कार्यालयों और स्कूलों में कार्य निष्पादन अधिक प्रभावी और व्यवस्थित हो सकेगा।

