हिमाचल में डाकिए का बड़ा कारनामा! कमरे से मिली 800 लोगों की जरूरी डाक, विभाग में मचा हड़कंप

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले से डाक विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक ग्रामीण डाक सेवक पर लोगों की जरूरी डाक समय पर न पहुंचाने का आरोप लगा है। विभागीय जांच के दौरान उसके किराए के कमरे से करीब 800 डाक बरामद होने के बाद अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, यह मामला उप डाकघर भलेठ के अंतर्गत आने वाली करोट डाक शाखा का है। संबंधित ग्रामीण डाक सेवक करीब 20 गांवों में डाक वितरण का कार्य देखता था। आरोप है कि वह डाकघर से डाक तो ले जाता था, लेकिन सभी लोगों तक पहुंचाने के बजाय बड़ी संख्या में अपने कमरे में ही रख देता था।
बरामद डाक में नौकरी से जुड़े कॉल लेटर, आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज शामिल बताए जा रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि कई लोगों को समय पर जरूरी दस्तावेज नहीं मिलने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा होगा। कुछ युवाओं के रोजगार संबंधी अवसर भी प्रभावित हो सकते हैं।


बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से क्षेत्र के लोग लगातार शिकायत कर रहे थे कि उनकी डाक समय पर नहीं पहुंच रही है। शिकायतों के बाद डाक विभाग ने जांच शुरू की। रिकॉर्ड की जांच के दौरान कई डाक होल्ड पर दर्ज मिलीं। जब संबंधित लोगों से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि उन्हें कोई डाक प्राप्त नहीं हुई। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि डाक मिलने पर उनसे प्राप्ति के हस्ताक्षर भी नहीं लिए गए।
इसके बाद अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारी के किराए के कमरे की तलाशी ली। जांच के दौरान वहां बड़ी संख्या में अलग-अलग लोगों के नाम की डाक सुरक्षित मिली। कमरे से लगभग 200 पंजीकृत और 600 सामान्य डाक बरामद की गई।

हमीरपुर डाक मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित ग्रामीण डाक सेवक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभागीय स्तर पर विस्तृत जांच जारी है और यह भी देखा जा रहा है कि लापरवाही कितने समय से चल रही थी।
डाक विभाग ने अब विशेष अभियान शुरू कर बरामद सभी डाक को उनके वास्तविक प्राप्तकर्ताओं तक पहुंचाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

