Shimla News : नगर निगम की कार्रवाई के दौरान हुआ हादसा! चार दिन बाद रेहड़ी संचालक की मौत, परिजनों ने मांगा 25 लाख मुआवजा

आईजीएमसी के बाहर रेहड़ी लगाता था युवक, परिवार ने कार्रवाई के तरीके पर उठाए सवाल: निष्पक्ष जांच की मांग
राजधानी शिमला में नगर निगम की कार्रवाई के दौरान घायल हुए एक रेहड़ी संचालक की चार दिन बाद मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मृतक की पहचान 34 वर्षीय रेहड़ी संचालक के रूप में हुई है, जो आईजीएमसी के बाहर अपना रोजगार करता था। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले नगर निगम की टीम क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने और सामान जब्त करने की कार्रवाई के लिए पहुंची थी।


परिजनों का आरोप है कि कार्रवाई के दौरान युवक अपना सामान बचाने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान वह छत से नीचे गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार शुरू किया गया।
करीब चार दिन तक चले इलाज के बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हो सका और आखिरकार उसने दम तोड़ दिया। युवक की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। क्षेत्र में भी घटना को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है।

मृतक के परिजनों का कहना है कि यदि कार्रवाई अधिक संवेदनशील तरीके से की जाती तो यह हादसा टाला जा सकता था। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।
परिवार ने सरकार और नगर निगम से आर्थिक सहायता देने की भी मांग उठाई है। उनका कहना है कि मृतक परिवार का कमाने वाला सदस्य था, इसलिए आश्रितों के भविष्य को देखते हुए 25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए।
घटना के बाद नगर निगम की कार्रवाई और उसके तौर-तरीकों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने भी पूरे मामले की जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की है।
फिलहाल, इस मामले पर नगर निगम की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सभी की नजरें जांच और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

