ड्यूटी के दौरान थम गई हिमाचल के वीर जवान की धड़कन: 6 माह के मासूम से छिना पिता का साया

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के बंगाणा उपमंडल की ग्राम पंचायत मलांगड़ के रहने वाले भारतीय सेना के जवान विशंबर सिंह उर्फ मिंटू (35) का ड्यूटी के दौरान हृदयाघात से निधन हो गया। इस दुखद खबर के बाद उनके गांव में शोक की लहर है और परिवार गहरे सदमे में है।
जानकारी के अनुसार, विशंबर सिंह भारतीय सेना में तैनात थे और इन दिनों देहरादून में अपनी सेवाएं दे रहे थे। सोमवार सुबह नियमित शारीरिक प्रशिक्षण (पीटी) पूरा करने के बाद उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द महसूस हुआ। साथी जवान उन्हें तुरंत सेना के अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उन्हें दोबारा दिल का दौरा पड़ा। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
सेना अस्पताल में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। इसके बाद उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव मलांगड़ लाया जाएगा, जहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।


परिजनों के अनुसार, विशंबर सिंह लगभग 25 दिन पहले छुट्टी पर अपने घर आए थे। परिवार के साथ समय बिताने के बाद वह वापस ड्यूटी पर लौट गए थे। किसी ने भी नहीं सोचा था कि यह मुलाकात परिवार के साथ उनकी आखिरी मुलाकात साबित होगी।
दिवंगत जवान अपने पीछे पत्नी, 10 वर्षीय बेटे और महज छह माह के मासूम बेटे को छोड़ गए हैं। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में भी शोक का माहौल है और बड़ी संख्या में लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।

स्थानीय लोगों ने विशंबर सिंह को एक कर्तव्यनिष्ठ और मिलनसार व्यक्ति बताया। उनके निधन को पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। ग्रामीणों ने दिवंगत जवान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। देश की सेवा करते हुए एक और वीर सपूत का इस तरह असमय दुनिया से चले जाना हर किसी को भावुक कर गया है।

