हिमाचल प्रदेश में दिव्यांगजनों के लिए बड़ी राहत: अब जन्म से मिलेगी पेंशन, 40% दिव्यांगता वाले भी होंगे पात्र
दिव्यांगजनों और उनके परिवारों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार ने दिव्यांगजन पेंशन योजना के नियमों में बदलाव करते हुए पात्रता का दायरा बढ़ा दिया है। नए नियमों के तहत अब 40 प्रतिशत दिव्यांगता वाले व्यक्ति भी पेंशन का लाभ ले सकेंगे। इतना ही नहीं, पहले लागू 18 वर्ष की न्यूनतम आयु सीमा को भी समाप्त कर दिया गया है। अब दिव्यांग बच्चों को जन्म से ही इस योजना के तहत पेंशन मिल सकेगी।
नई व्यवस्था के अनुसार, 18 से 79 वर्ष की आयु के दिव्यांग लाभार्थियों को अब हर महीने 300 रुपये के बजाय 375 रुपये पेंशन मिलेगी। वहीं, 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के लाभार्थियों की पेंशन 500 रुपये से बढ़ाकर 625 रुपये प्रतिमाह कर दी गई है। इस तरह अलग-अलग आयु वर्ग के अनुसार पेंशन में 75 से 125 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है।
हालांकि, योजना का लाभ लेने के लिए बीपीएल परिवार से संबंधित होने की शर्त पहले की तरह लागू रहेगी।

2031 तक जारी रहेगी योजना
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। साथ ही इसका नाम बदलकर प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना किया जाएगा। नए नियम लागू होने से 40 से 79 प्रतिशत दिव्यांगता वाले लोगों के साथ-साथ दिव्यांग बच्चों को भी लाभ मिल सकेगा।

हिमाचल में 20 हजार लाभार्थियों को मिलेगा फायदा
जानकारी के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में इस योजना से करीब 20 हजार लाभार्थी जुड़े हुए हैं। नए नियमों से प्रदेश के कई ऐसे लोगों को भी पेंशन का लाभ मिलने का रास्ता खुलेगा, जो पहले दिव्यांगता की निर्धारित सीमा पूरी नहीं कर पाने के कारण पात्र नहीं थे।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
योजना का लाभ लेने के लिए दिव्यांगता प्रमाणपत्र, पहचान पत्र, परिवार रजिस्टर की नकल, बैंक पासबुक, हिमाचली बोनाफाइड प्रमाणपत्र, बीपीएल प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र और पासपोर्ट साइज फोटो जरूरी होंगे।
सोलन के जिला कल्याण अधिकारी विवेक अरोड़ा के अनुसार, केंद्र सरकार की नई अधिसूचना के तहत पेंशन राशि बढ़ाने के साथ पात्रता के नियमों में भी राहत दी गई है। इससे दिव्यांग बच्चों और अधिक संख्या में दिव्यांगजनों को योजना से जुड़ने का अवसर मिलेगा।


