पांवटा-शिलाई के पूर्व सैनिकों की बड़ी जीत, 200 किमी की परेशानी हुई खत्म: फिर पहुंची मोबाइल CSD कैंटीन

पांवटा साहिब और शिलाई क्षेत्र के पूर्व सैनिकों के लिए राहत की खबर है। लंबे समय से किए जा रहे प्रयासों के बाद मोबाइल CSD कैंटीन की सुविधा एक बार फिर क्षेत्र में बहाल हो गई है। चकराता से मोबाइल CSD कैंटीन पांवटा साहिब पहुंची, जहां सैनिक रेस्ट हाउस में पूर्व सैनिकों, वीरनारियों, सेवारत सैनिकों और उनके आश्रितों को जरूरी घरेलू सामान उपलब्ध करवाया गया।
कैंटीन से सामान लेने के लिए सुबह से ही क्षेत्र के दूरदराज गांवों से लोग सैनिक रेस्ट हाउस पहुंचने लगे। सुबह करीब 8 बजे सामान वितरण की प्रक्रिया शुरू हुई। इस दौरान भूतपूर्व सैनिक संगठन पांवटा-शिलाई के पदाधिकारियों ने व्यवस्था संभालने में सहयोग किया।
क्षेत्र के पूर्व सैनिकों के लिए यह सुविधा काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे पहले CSD की सुविधा लेने के लिए कई लोगों को करीब 200 किलोमीटर दूर नाहन या देहरादून जाना पड़ता था। इससे उनका समय और आने-जाने का खर्च दोनों बढ़ जाता था।


मोबाइल CSD कैंटीन के दोबारा क्षेत्र में पहुंचने से पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों में खुशी है। लोगों ने संगठन के प्रयासों की सराहना करते हुए इस सुविधा को लगातार जारी रखने की उम्मीद जताई।
भूतपूर्व सैनिक संगठन पांवटा-शिलाई के अध्यक्ष करनैल सिंह, सचिव ओम प्रकाश, कोषाध्यक्ष इंद्र नेगी, वीरेंद्र सिंह चौहान, नरेंद्र ठुंडू, मामराज चौहान और सुनील सहित अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि संगठन लंबे समय से मोबाइल CSD कैंटीन सुविधा बहाल करने की मांग कर रहा था।

संगठन ने बताया कि लगातार आग्रह और प्रयासों के बाद यह सुविधा दोबारा शुरू हो पाई है। संगठन ने इसके लिए संबंधित एस्टेब्लिशमेंट का आभार जताया। इससे पांवटा-शिलाई क्षेत्र के पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को जरूरी सामान अब नजदीक ही मिल सकेगा।


