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रेणुका जी मेले पर हाईकोर्ट सख्त: झील और परशुराम ताल के 100 मीटर दायरे में दुकानें लगाने पर रोक, जानें नए नियम

रेणुका जी मेले पर हाईकोर्ट सख्त: झील और परशुराम ताल के 100 मीटर दायरे में दुकानें लगाने पर रोक, जानें नए नियम

रेणुका जी मेले पर हाईकोर्ट सख्त: झील और परशुराम ताल के 100 मीटर दायरे में दुकानें लगाने पर रोक, जानें नए नियम

रेणुका जी मेले पर हाईकोर्ट सख्त: झील और परशुराम ताल के 100 मीटर दायरे में दुकानें लगाने पर रोक, जानें नए नियम

हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय श्री रेणुका जी मेले को लेकर हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पर्यावरण संरक्षण के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। इस बार मेले में दुकानदारों और श्रद्धालुओं को कई नियमों का पालन करना होगा। खास तौर पर रेणुका जी झील और परशुराम ताल के आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित रखने पर जोर दिया गया है।

हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार 19 से 24 नवंबर 2026 तक आयोजित होने वाले मेले के दौरान रेणुका जी झील और परशुराम ताल के 100 मीटर के दायरे में कोई भी दुकान या व्यावसायिक स्टाल नहीं लगाया जा सकेगा। सभी दुकानें केवल निर्धारित मेला ग्राउंड में ही लगेंगी। अदालत का उद्देश्य मेले के दौरान झील और ताल के आसपास होने वाली व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाकर पर्यावरण को सुरक्षित रखना है।

मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन सी. नेगी की खंडपीठ ने रेणुका जी वन्यजीव अभ्यारण्य और रामसर साइट वेटलैंड की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ये आदेश जारी किए हैं।

प्रवेश द्वार पर होगी प्लास्टिक की जांच

मेले में प्लास्टिक से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए प्रवेश द्वारों पर संयुक्त फ्लाइंग स्क्वायड तैनात किया जाएगा। यह टीम लोगों और उनके सामान की जांच करेगी। इसके अलावा वन्यजीव अभ्यारण्य क्षेत्र में लाउडस्पीकर और तेज आवाज वाले ध्वनि उपकरणों के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा, ताकि वन्यजीवों को परेशानी न हो।

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10 हजार लोगों के लिए बनेंगे 100 अस्थायी शौचालय

मेले में करीब 10 हजार लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए हाईकोर्ट ने कम से कम 100 अस्थायी शौचालय बनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मेला समाप्त होने के तीन दिनों के भीतर सभी दुकानदारों को अपने स्टाल हटाने और आसपास सफाई करने के आदेश दिए गए हैं। मेला क्षेत्र में कचरा या दुकानों का सामान छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।

बेसहारा पशुओं और अतिक्रमण पर भी सख्ती

हाईकोर्ट ने पशुपालन विभाग और संबंधित ग्राम पंचायतों को बेसहारा पशुओं को मेला क्षेत्र से दूर रखने की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं, वन्यजीव अभ्यारण्य क्षेत्र में अवैध रूप से बनाए गए आश्रमों, दुकानों और अन्य अतिक्रमणों को हटाने के लिए कानूनी कार्रवाई जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

इन आदेशों का मुख्य उद्देश्य मेले के आयोजन के साथ रेणुका जी की प्राकृतिक सुंदरता, झील और वन्यजीवों को सुरक्षित रखना है।

Written by newsghat

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