in

समंदर में थम गए आदित्य के सपने: तिरंगे में लिपटा ओमान से लौटा आदित्य का पार्थिव शरीर! नम आंखों से गांव ने दी अंतिम विदाई

समंदर में थम गए आदित्य के सपने: तिरंगे में लिपटा ओमान से लौटा आदित्य का पार्थिव शरीर! नम आंखों से गांव ने दी अंतिम विदाई

समंदर में थम गए आदित्य के सपने: तिरंगे में लिपटा ओमान से लौटा आदित्य का पार्थिव शरीर! नम आंखों से गांव ने दी अंतिम विदाई

समंदर में थम गए आदित्य के सपने: तिरंगे में लिपटा ओमान से लौटा आदित्य का पार्थिव शरीर! नम आंखों से गांव ने दी अंतिम विदाई

TROWS

हमीरपुर। कभी मर्चेंट नेवी में उज्ज्वल भविष्य के सपने देखने वाला 23 वर्षीय आदित्य शर्मा अब तिरंगे में लिपटकर अपने पैतृक गांव लौटा। जैसे ही उसका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, पूरा इलाका गमगीन हो गया। हर आंख नम थी और हर चेहरे पर एक ही सवाल था कि आखिर एक युवा बेटे के सपनों का सफर इतनी जल्दी क्यों थम गया।

ओमान के समुद्री क्षेत्र में हुई दुखद घटना में जान गंवाने वाले आदित्य शर्मा का पार्थिव शरीर गुरुवार को उनके गांव पहुंचा। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़े। गांव की गलियों में सन्नाटा था और माहौल शोक में डूबा हुआ नजर आया। परिवार के सदस्यों का दर्द देखकर मौजूद लोगों की आंखें भी भर आईं।

Doon valley school

अंतिम संस्कार के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने आदित्य को श्रद्धांजलि अर्पित की। अधिकारियों ने परिवार को भरोसा दिलाया कि सरकार हर संभव सहायता प्रदान करेगी।

इस बीच आदित्य के पिता राजेश शर्मा ने बेटे को याद करते हुए कहा कि उनका परिवार कभी इस दुख को नहीं भूल पाएगा। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर काम करने वाले भारतीय नाविकों की सुरक्षा को और मजबूत बनाया जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसा दर्द न सहना पड़े।

JPERC 2025

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वैश्विक मंच पर भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाने के लिए आभार भी व्यक्त किया। उनका कहना है कि समुद्र में काम करने वाले हजारों भारतीय युवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना समय की जरूरत है।

आदित्य की असमय मृत्यु ने सिर्फ एक परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। जिस बेटे पर परिवार को गर्व था, उसकी अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ इस बात का प्रमाण थी कि वह अपने व्यवहार और मेहनत से लोगों के दिलों में खास जगह बना चुका था। अब उसकी यादें ही परिवार और गांव के लोगों के लिए सबसे बड़ी धरोहर बनकर रह गई हैं।

Written by Newsghat Desk

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ACHIVEMENT : माता पद्मावती कॉलेज ऑफ नर्सिंग की छात्रा अंकिता चौधरी ने जर्मनी में पाई नौकरी, बढ़ाया संस्थान का गौरव…

ACHIVEMENT : माता पद्मावती कॉलेज ऑफ नर्सिंग की छात्रा अंकिता चौधरी ने जर्मनी में पाई नौकरी, बढ़ाया संस्थान का गौरव…