शिलाई के टिटयाना में मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने सुनीं समस्याएं, बोले- गांवों तक पहुंचेंगी बेहतर सुविधाएं

नाहन, 30 अगस्त। उद्योग, संसदीय मामले एवं श्रम रोजगार मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने रविवार को शिलाई विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत टिटयाना में आयोजित कार्यक्रम में लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र के विकास और सरकार की योजनाओं को लेकर जानकारी साझा की।
हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि शिलाई विधानसभा क्षेत्र के गांवों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विभिन्न विकास कार्यों के लिए करीब 400 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है और कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
मंत्री ने स्वास्थ्य सुविधाओं का जिक्र करते हुए कहा कि शिलाई में करीब 19 करोड़ रुपये की लागत से 100 बिस्तरों वाले नए नागरिक अस्पताल का निर्माण तेजी से जारी है। निर्माण पूरा होने के बाद यह अस्पताल क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाएगा।


उन्होंने बताया कि शिलाई अस्पताल में रोजाना करीब 350 से 400 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल में 10 चिकित्सक सेवाएं दे रहे हैं। इनमें ईएनटी, मेडिसिन, हड्डी रोग और स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ भी शामिल हैं।
चौहान ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए कमरऊ, सतौन, चांदनी और कोटा पाब में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के नए भवनों का निर्माण किया जा रहा है। कांटी मशवा में पीएचसी भवन का लोकार्पण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर और फार्मासिस्ट तैनात हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में सरकार द्वारा स्कूलों के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर भी जोर दिया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी बेहतर शैक्षणिक माहौल देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
किसानों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण विकास और किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई योजनाएं चला रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्राकृतिक खेती से तैयार फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य देने वाला देश का पहला राज्य है और प्राकृतिक खेती की फसलों के एमएसपी में भी बढ़ोतरी की गई है।
कार्यक्रम में मंत्री ने प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों और आपदा से हुए नुकसान पर भी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रदेश को आपदा के कारण भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने राजस्व घाटा अनुदान को प्रदेश के लोगों का अधिकार बताया।
इस दौरान पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने सड़क, पेयजल, बिजली और अन्य विकास कार्यों से जुड़ी समस्याएं मंत्री के सामने रखीं। चौहान ने अधिकारियों को समस्याओं का गंभीरता से परीक्षण कर जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधि, कांग्रेस पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे।


