IGMC शिमला में जल्द शुरू होगी बोन मैरो ट्रांसप्लांट सुविधा, हिमाचल सरकार ने जारी किए ₹83.85 करोड़

हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के अलग-अलग अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक मशीनें लगाने और स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार ने कुल 83.85 करोड़ रुपये की राशि जारी की है।
इस बजट का एक बड़ा हिस्सा शिमला स्थित आईजीएमसी को मिला है। यहां गंभीर बीमारियों के मरीजों के इलाज के लिए नई चिकित्सा सुविधाएं विकसित की जाएंगी। खास तौर पर बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू करने की तैयारी है।
इसके लिए आईजीएमसी में स्पैक्ट और सेल सैपरेटर मशीनें स्थापित की जाएंगी। इन उपकरणों के लिए सरकार ने करीब 8 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसके अलावा अस्पताल में करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक 256 स्लाइस सीटी स्कैन मशीन भी लगाई जाएगी।


मरीजों की जांच व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए आईजीएमसी में छह आधुनिक अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे मशीनें खरीदी जाएंगी। इन उपकरणों पर करीब 3.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
कांगड़ा जिले के डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा को भी इस योजना में शामिल किया गया है। यहां छह अत्याधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीनों की खरीद के लिए 6 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

मंडी जिले के श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक में पेट स्कैन भवन के निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। वहीं, कांगड़ा के ज्वालामुखी सिविल अस्पताल के भवन और मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 17.95 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
हमीरपुर के जोलसप्पड़ मेडिकल कॉलेज में पार्किंग और पुलिस स्टेशन के निर्माण पर 15.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा जोगिंद्रनगर अस्पताल में चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधा विकसित करने को 4.90 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
सरकार के इस निवेश से प्रदेश के अस्पतालों में जांच और उपचार की सुविधाओं को आधुनिक बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। खासकर बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसी गंभीर उपचार सुविधा शुरू होने से हिमाचल के मरीजों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम हो सकती है।
