Himachal News: संजीव कुमार ने रासायनिक छोड़कर अपनाई प्राकृतिक खेती! अब घर बैठे कमा रहे मोटा मुनाफा

Himachal News: हिमाचल प्रदेश सरकार की ‘राजीव गांधी प्राकृतिक खेती, खुशहाल किसान’ योजना लाखों किसानों के लिए एक बहुत बड़ी उम्मीद लेकर आई है। प्राकृतिक खेती से उगाई गई फसलों के लिए प्रदेश सरकार ने अलग से उच्च दामों का प्रावधान करके एक ऐसी अनोखी पहल की है जोकि अन्य किसी राज्य की सरकार ने नहीं की है।
Himachal News: संजीव कुमार ने रासायनिक छोड़कर अपनाई प्राकृतिक खेती! अब घर बैठे कमा रहे मोटा मुनाफा
प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती से उगाई गई गेहूं को 60 रुपये, मक्की को 40 रुपये, कच्ची हल्दी को 90 रुपये और पांगी घाटी के जौ को 60 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीद रही थी। अब नए वित्तीय वर्ष के बजट में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इनकी कीमतों में और वृद्धि कर दी है।
प्राकृतिक खेती से उगाई गई गेहूं का दाम अब 80 रुपये, मक्की का 60 रुपये, कच्ची हल्दी का 150 रुपये और पांगी घाटी के जौ का 80 रुपये प्रति किलोग्राम कर दिया गया है। इसके अलावा अब अदरक के लिए भी 30 रुपये प्रति किलोग्राम तय किया गया है।


यही नहीं, प्रदेश सरकार ने गाय के दूध के लिए 61 रुपये और भैंस के दूध के लिए 71 रुपये प्रति लीटर दाम निर्धारित करके ग्रामीण आर्थिकी को बल देने का सराहनीय प्रयास किया है। इससे प्रदेश के लाखों किसान और पशुपालक काफी गदगद हैं।
हमीरपुर की निकटवर्ती ग्राम पंचायत अमरोह के गांव छबोट ब्राह्मणा के प्रगतिशील किसान संजीव कुमार ने बताया कि वह कई वर्षों से अपनी पुश्तैनी जमीन पर खेती कर रहे थे, लेकिन इससे उन्हें कोई खास आय नहीं हो पा रही थी।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने जब प्राकृतिक खेती से उगाई गई फसलों के लिए अलग से उच्च दाम निर्धारित किए तो संजीव कुमार ने उसी सीजन में प्राकृतिक खेती शुरू कर दी। पिछले साल गेहूं, मक्की और कच्ची हल्दी से उन्हें काफी अच्छी आय हुई।
इस बार दामों में और बढ़ोतरी होने से संजीव कुमार काफी प्रसन्न हैं। दूध के दाम बढ़ने से भी उन्हें काफी फायदा हो रहा है। आजकल उनके खेतों में प्राकृतिक खेती से उगाई गई गेहूं की फसल खूब लहलहा रही है। संजीव कुमार ने बताया कि प्राकृतिक खेती का खर्चा बहुत कम होता है।
वह घर में ही जीवामृत और बीजामृत तैयार कर लेते हैं और रासायनिक खाद या जहरीले कीटनाशकों के बजाय घर में ही तैयार सामग्री का प्रयोग करते हैं। इस विधि से उगाई गई फसलें सेहत के लिए भी सुरक्षित होती हैं। संजीव कुमार का कहना है कि उनके जैसे लाखों किसानों के लिए यह योजना एक बहुत बड़ी उम्मीद लेकर आई है।

Our passionate journalist at Newsghat, dedicated to delivering accurate and timely news from Paonta Sahib, Sirmaur, and rural areas. With a focus on community-driven stories, we ensures that every report reaches you with clarity and truth. At Newsghat, it’s all about “आपकी बात”!

