एक रेस्क्यू ने बदल दी दो जिंदगियां: संजय कंवर को मिला सुकून, बिट्टू को मिली नई पहचान

पांवटा साहिब: कभी सड़क पर बेसहारा और मानसिक रूप से अस्वस्थ हालत में भटकने वाला युवक आज जरूरतमंद लोगों की मदद करने वालों की टीम का हिस्सा बन चुका है। यह कहानी सिर्फ बिट्टू के जीवन में आए बदलाव की नहीं, बल्कि समाजसेवी संजय कंवर की उस सोच की भी है जिसने एक असहाय व्यक्ति को नई जिंदगी देने का काम किया।
करीब नौ महीने पहले पांवटा साहिब में नगर परिषद कार्यालय के पास एक युवक खराब हालत में घूमता मिला था। उसके कपड़े मैले थे, बाल बिखरे हुए थे और वह अपना नाम-पता तक नहीं बता पा रहा था। लोगों की भीड़ उसे देख रही थी, लेकिन मदद के लिए आगे आए समाजसेवी संजय कंवर। उन्होंने युवक को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और बाद में उसे रुड़की स्थित अपना घर आश्रम भेजने की व्यवस्था की।
आश्रम में पहुंचने के बाद युवक ने अपना नाम बिट्टू बताया। वहां उसका इलाज शुरू हुआ और लगातार देखभाल के कारण उसकी मानसिक स्थिति में सुधार आने लगा। धीरे-धीरे उसने सामान्य जीवन की ओर कदम बढ़ाए। जब आश्रम ने उसके परिवार से संपर्क किया तो उसे वापस ले जाने में रुचि नहीं दिखाई गई। इसके बावजूद आश्रम ने उसका साथ नहीं छोड़ा और उसे वहीं रहने तथा काम करने का अवसर दिया।


आज बिट्टू आश्रम में जरूरतमंद लोगों की सेवा करता है। वह नए लोगों का हौसला बढ़ाता है, उनकी देखभाल में सहयोग करता है और आश्रम की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाता है।
हाल ही में जब आश्रम की रेस्क्यू टीम एक अन्य मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति को लेने पांवटा साहिब पहुंची तो टीम के साथ बिट्टू भी था। जिस स्थान से कभी उसे रेस्क्यू किया गया था, उसी जगह दोबारा पहुंचकर वह भावुक हो गया। उसने संजय कंवर का धन्यवाद करते हुए कहा कि उसे यहां से नई जिंदगी मिली है और अब वह दूसरों के जीवन में भी उम्मीद की रोशनी पहुंचाना चाहता है।

संजय कंवर ने बताया कि बिट्टू को इस रूप में देखकर उन्हें बेहद संतोष मिला। यह घटना साबित करती है कि समय पर मदद, इलाज और अपनापन किसी भी व्यक्ति के जीवन की दिशा बदल सकता है।


