दुबई से कमाई, ससुराल पर भरोसा… फिर करोड़ों की नकदी और गहनों का ऐसा खेल! 7 रिश्तेदार गिरफ्तार

हिमाचल प्रदेश के पुलिस जिला देहरा में करोड़ों रुपये की नकदी और कीमती आभूषणों से जुड़े एक चर्चित मामले का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि जिस चोरी की कहानी बताई जा रही थी, वह पूरी तरह से झूठी थी। पुलिस ने मामले में ससुराल पक्ष के सात लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान दो करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की नकदी, सोना और अन्य सामान बरामद किया गया है।
पुलिस के अनुसार यह मामला 29 जून 2026 को रक्कड़ थाना में दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता अविनाश ने बताया कि वह वर्ष 2013 से 2025 तक दुबई में नौकरी करता था। इस दौरान उसने अपनी कमाई से बड़ी मात्रा में नकदी और सोने-हीरे के आभूषण जमा किए थे। उसने यह सामान सुरक्षित रखने के लिए अपने ससुराल पक्ष के पास रखा था।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि मार्च 2026 में उसके भरोसे का फायदा उठाकर नकदी, आभूषण, पासपोर्ट, जमीन से जुड़े दस्तावेज और विदेशी मुद्रा को दूसरी जगह पहुंचा दिया गया। जब उसने सामान के बारे में पूछा तो उसे बताया गया कि कुछ अज्ञात लोग सब कुछ लेकर फरार हो गए हैं।


पुलिस जांच के दौरान यह कहानी संदेह के घेरे में आई। अधिकारियों ने जिन एजेंसियों का नाम लेकर छापेमारी की बात कही गई थी, उनसे भी जानकारी जुटाई। जांच में पता चला कि ऐसी कोई कार्रवाई हुई ही नहीं थी और पूरी कहानी गढ़ी गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सूचनाओं के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। जांच में कई अहम सुराग मिले, जिनके बाद ससुराल पक्ष के लोगों की भूमिका सामने आने लगी।

इसके बाद पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें दो आरोपी डेराबस्सी क्षेत्र से भी बताए जा रहे हैं। वहीं दो अन्य लोगों से अंतरिम जमानत पर पूछताछ जारी है।
पुलिस की कार्रवाई के दौरान करीब 90 लाख रुपये नकद, एक किलो 324 ग्राम से अधिक सोने के आभूषण, हीरे और चांदी के जेवर, 801 अमेरिकी डॉलर, पासपोर्ट, जमीन के दस्तावेज और अन्य सामान बरामद किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में अब तक लगभग 50 से 60 प्रतिशत संपत्ति बरामद की जा चुकी है और बाकी सामान मिलने की भी उम्मीद है।
पुलिस अब मामले के दूसरे पहलू की भी जांच कर रही है। शिकायतकर्ता द्वारा बताए गए धन और आभूषणों के स्रोत, आयकर रिकॉर्ड और खरीद से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी और यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

