सिरमौर के छोटे से गांव चांदपुर ने रचा इतिहास, हिमाचल रग्बी टीम को दिए 6 कप्तान, कोटडी व्यास स्कूल की प्रतिभाओं ने बढ़ाया प्रदेश का मान
जिला सिरमौर के ग्रामीण क्षेत्र कोटडी व्यास और चांदपुर गांव ने खेल जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है। शहीद कमल कांत मेमोरियल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोटडी व्यास के विद्यार्थियों ने अपनी मेहनत और खेल प्रतिभा के दम पर पिछले दो वर्षों में हिमाचल प्रदेश की रग्बी टीमों को छह कप्तान दिए हैं। यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।
इन खिलाड़ियों में अंकिता (पुत्री राजकुमार, चांदपुर) हिमाचल की अंडर-18 ओपन रग्बी टीम की कप्तान रह चुकी हैं। स्नेहा (पुत्री स्वर्गीय हेमराज, निचली कोटडी) भी अंडर-18 रग्बी टीम की कप्तानी कर चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने वर्ष 2025-26 में अंडर-19 गर्ल्स हैंडबॉल नेशनल गेम्स में स्वर्ण पदक हासिल किया है।
दीपिका (पुत्री बबर राज, उपरली कोटडी) ने भुवनेश्वर में आयोजित प्रतियोगिता में हिमाचल की अंडर-15 रग्बी टीम की कमान संभाली। दिव्यांशी (पुत्री पवन, चांदपुर) दिल्ली में होने वाली SGFI गेम्स 2026 के लिए अंडर-17 गर्ल्स रग्बी टीम की कप्तान हैं। वहीं आर्यन (पुत्र राज, उपरली कोटडी) अंडर-19 रग्बी टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।

इसके अतिरिक्त स्नेहा (पुत्री सलिंदर, चांदपुर) नई दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में आयोजित SGFI प्रतियोगिता में हिमाचल की अंडर-19 टीम की कप्तानी कर रही हैं।
25 परिवारों वाले गांव की बड़ी उपलब्धि

चांदपुर गांव में केवल 25 परिवार रहते हैं। ऐसे छोटे गांव से तीन खिलाड़ियों का हिमाचल की टीमों की कप्तानी तक पहुंचना ग्रामीण प्रतिभा की मिसाल है। इन खिलाड़ियों ने साबित किया है कि मेहनत और सही मार्गदर्शन से छोटे गांवों के युवा भी बड़े मुकाम हासिल कर सकते हैं।
कोच की मेहनत लाई रंग
इस सफलता के पीछे स्कूल के शारीरिक शिक्षा शिक्षक एवं मुख्य कोच धर्मेंद्र चौधरी का अहम योगदान रहा है। उनके मार्गदर्शन, नियमित अभ्यास और अनुशासन ने खिलाड़ियों को आगे बढ़ने में मदद की।
विद्यालय के प्रधानाचार्य जीवन प्रकाश जोशी, स्कूल स्टाफ, SMC अध्यक्ष मान सिंह, अभिभावकों और स्थानीय लोगों सुखविंदर चौधरी, पवन कुमार, पूर्व प्रधान सुरेश कुमार, हितेंद्र कुमार और राजेश कुमार ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।



