HP Tourist: कोकसर के होटल-ढाबे बंद! भूखे-प्यासे लौट रहे पर्यटक, चाय-पानी को भी तरसे टूरिस्ट

HP Tourist: बाहरी राज्यों में पड़ रही भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए इन दिनों भारी संख्या में टूरिस्ट हिमाचल प्रदेश की हसीन वादियों में पहुंच रहे हैं। खासकर लाहौल घाटी में अप्रैल माह में बर्फ के दीदार को टूरिस्ट का जमावड़ा लगा हुआ है।
HP Tourist: कोकसर के होटल-ढाबे बंद! भूखे-प्यासे लौट रहे पर्यटक, चाय-पानी को भी तरसे टूरिस्ट
मगर बांध निर्माण के विरोध में स्थानीय लोगों की ‘हड़ताल’ ने न केवल पर्यटकों का स्वाद बिगाड़ दिया है, बल्कि घाटी के पर्यटन कारोबार पर भी ब्रेक लगा दिया है।
दअरसल, लाहौल-स्पीति में मशहूर पर्यटन स्थल कोकसर से पर्यटकों को भूखे-प्यासे लौटना पड़ रहा है। इसकी
वजह है कोकसर में होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट तीन दिन से बंद होना।


कोकसर के डिंफुक नाले पर बांध बनना प्रस्तावित है, जिसका स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं। यही कारण है कि 25 अप्रैल तक सभी होटल, दुकानें और ढाबे विरोध में बंद करने का निर्णय लिया गया है। इसके चलते पर्यटकों को चाय और पानी तक के लिए तरसना पड़ रहा है।
क्यों हो रहा है बांध का विरोध
केंद्रीय जल आयोग द्वारा डिंफुक नाले पर बांध के लिए सर्वे किए जाने के बाद से ग्रामीणों में डर का माहौल है। ग्रामीणों को आशंका है कि गांव के करीब बांध बनने से उनके रिहायशी मकानों को खतरा पैदा हो जाएगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि उनकी उपजाऊ जमीन बांध के पानी में समा जाएगी। ग्रामीण चाहते हैं कि बांध को किसी दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाए।

कोकसर का विकल्प बना ‘शिंकुला दर्रा’
कोकसर में खाने-पीने की व्यवस्था न होने के कारण पर्यटक अब शिंकुला दर्रा की ओर रुख कर रहे हैं। टैक्सी चालकों का कहना है कि शिंकुला तक सिर्फ 4×4 वाहनों में ही पहुंचा जा सकता है। वहीँ, कोकसर में लोगों के विरोध के कारण बहुत कम टूरिस्ट ही लाहौल जा रहा है।

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